*छत्तीसगढ़ के किसान कृषि विरोधी विधेयकों के खिलाफ 25 सितम्बर को करेंगे राज्यव्यापी प्रतिरोध*
छत्तीसगढ़ के किसान कृषि विरोधी विधेयकों के खिलाफ 25 सितम्बर को करेंगे राज्यव्यापी प्रतिरोध
केन्द्र सरकार द्वारा गैर लोकतांत्रिक तरीके से "एक देश, एक बाजार" के नाम पर लाए गए तीन कॉरपोरेट परस्त, किसान व कृषि विरोधी विधेयकों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी प्रतिरोध दिवस के आह्वान पर 25 सितम्बर को छत्तीसगढ़ के किसान राज्य के शहरों को जोड़ने वाले सड़कों पर उतर कर विरोध करेंगे।
इस सबन्ध में प्रदेश में कार्यरत विभिन्न किसान, मजदूर और आदिवासी संगठनों के मुखियाओं ने ऑनलाइन बैठक कर निर्णय लिया है कि केन्द्र की मोदी सरकार ने कृषि को कॉरपोरेट घरानों को सौंपने के लिए लाए गए अध्यादेशों कृषि उपज वाणिज्य और व्यापार ( संवर्धन और सुविधा), मूल्य आश्वासन एवं कृषि समझौता और आवश्यक वस्तु अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश को लोकसभा में अपने पूर्ण बहुमत का नाजायज फायदा उठाते हुए तथा राज्यसभा में विपक्षी दलों के विरोध को दबाते हुए बिना मत विभाजन के गैर लोकतांत्रिक तरीके से विधेयक के रूप में पारित करा लिया है।
उक्त आशय की प्रेस विज्ञप्ति जारी कर तेजराम विद्रोही ने बताया कि इस विधेयक का अध्यादेश लाने के समय से ही देश के किसान विरोध कर रहे हैं। हरियाणा व पंजाब के किसान व्यापक पैमाने पर सड़क पर विरोध कर रहा है फिर भी सरकार अपना दमनात्मक व अड़ियल रवैया अपनाते हुए किसान हितैषी होने का भ्रामक प्रचार कर रहा है। जबकि किसान समझ चुके हैं कि यह विधेयक किसानों व कृषि के लिए कब्रगाह के अलावा कोई दूसरा नहीं है। इसलिए इस अध्यादेश का छत्तीसगढ़ के किसानों ने जमकर विरोध करने का निर्णय लिया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ में लगातार लॉक डाउन की बढ़ते स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसान अपने गॉवों से शहरों को जोड़ने वाले सड़कों पर निकलेंगे, तो कहीं जिला, ब्लॉक, अनुविभाग, तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे।
बैठक में अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा, छत्तीसगढ़ बचाव आंदोलन, छत्तीसगढ़ किसान सभा, हसदेव अरण्य बचाव आंदोलन, आदिवासी एकता महासभा, किसान पंचायत, किसान संघ, अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संघ आदि संगठनों से कॉमरेड बादल सरोज, मदन लाल साहू, नंदकुमार कश्यप, ठाकुर रामगुलाम सिंह, संजय पराते, तेजराम विद्रोही, आलोक शुक्ला, पारस नाथ साहू, जागेश्वर चन्द्राकर, वेगेंद्र सोनबेर, ललित कुमार, हमेश कुमार, सुरेन्द्र लाल सिंह, विजय पटेल, आयोध्या प्रसाद, राकेश सिंह, प्रशांत झा, रामलाल, चंद्रशेखर आदि उपस्थित रहे।
