*सिलतरा की सुनील स्पंज फेक्ट्री में हादसा , घंटी मशीन के कन्वेयर में फँस कर मजदूर की मौत* - fastnewsharpal.com
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*सिलतरा की सुनील स्पंज फेक्ट्री में हादसा , घंटी मशीन के कन्वेयर में फँस कर मजदूर की मौत*

 सिलतरा की सुनील स्पंज फेक्ट्री में हादसा



घंटी मशीन के कन्वेयर में फँस कर मजदूर की मौत

    सुरेन्द्र जैन धरसीवां  

सिलतरा इंडस्ट्रियल एरिया के  फेस टू में मुरेठी मार्ग पर स्थित सुनील स्पंज में आज दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया यहां घंटी मशीन के कन्वेयर में फँस कर एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई।

    सिलतरा चौकी प्रभारी डीडी मानिकपुरी ने बताया कि सुनील स्पंज नामक फेक्ट्री में ठेकेदार जेपी दुबे के अधीन काम करने वाला पठारीडीह क्षेत्र का निवासी श्रमिक लोकेश साहू घण्टी मशीन में रोजाना की तरह काम कर रहा था  तभी अचानक हादसा हुआ और कन्वेयर में फंसकर उनकी मौत मौके पर ही हो गई हालांकि मृतक को घायल बताकर उसे फेक्ट्री से रायपुर ले जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस रायपुर पहुची ओर मर्ग कायम कर विवेचना शुरू की।


सुनील स्पंज में यह पहला हादसा नहीं

      सिलतरा की सुनील स्पंज आयरन फेक्ट्री में यह कोई पहला हादसा नही है इसके पूर्व भी सुरक्षा उपकरणों के अभाव में कुछ माह पूर्व ही बंकर में गिरकर आंनद गांव तेलगा निवासी श्रमिक की दर्दनाक मौत हुई थी तब क्रांति सेना ओर धरसीवां के कांग्रेसियो के आक्रोश व्यक्त करने के बाद मृतक के परिजनों को कंपनी ने मुआवजा देने का आश्वासन दिया था

 इस प्रकार की घटना होना स्वाभाविक इस लिए भी है क्योंकि यहाँ पर मजदूरों को बिना सेफ्टी के काम कराया जाना आम बात है।

     इस क्षेत्र में मजदूरों के सेफ्टी के लिए उचित साधन उपलब्ध करायी नहीं जाती जो सेफ्टी ऑफिसर के साथ फैक्ट्री मालिकों के साथ सांठ-गांठ को दिखाता है। 

      सुनील स्पंज में जहाँ पर यह दुर्घटना हुई है वह घंटी मशीन बताया जा रहा है, जहाँ पर स्लेग स्क्रीनींग का काम होता है और जिसका संचालन भी कम्पनी ने ठेके पर किसी बाहर राज्य के ठेकेदार को देकर रखा हुआ है। यह ठेकेदार मजदूरों के जानमाल की पारवाह किए बगैर बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों को काम करवाती है। और जब कोई दुर्घटना घट जाती है तो उसे मजदूर के ही गलती का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। अब मृतक मजदूर को न्याय मिल पाता है या नहीं इसके बीच कॉफी जद्दोजहद मृतक मजदूर परिवार को उठाना पड़ेगा। क्योंकि यहाँ रसूखदारों के फैक्ट्रि़यों पर कोई लेबर एक्ट काम नहीं करता। यहाँ पर सिर्फ प्रबंधन और लेबर कोर्ट के ऑफिसर के बीच मोटी रकम काम करती है जिसके नीचे कई मजदूर दफन हो गए और ना जाने कब तक होते रहेंगे........????

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