*पुरानी पेंशन भीख नहीं कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार - दीवान*
पुरानी पेंशन भीख नहीं कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार - दीवान
आरंग
पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा व शेष जीवन का आधार है इसके अभाव में कर्मचारियों का जीवन अभावग्रस्त व कष्टमय हो जाएगा । पेंशन भीख नही बल्कि कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है ।
एक प्रेस विज्ञप्ति में टीचर्स असोसिएशन आरंग के प्रवक्ता पं छत्रधर दीवान ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने पर पुरानी पेंशन लेता है फिर कर्मचारियों को पेंशन से वंचित करना सर्वथा अनुचित है। कर्मचारी जब शासन की नौकरी करता है फिर उसे पेंशन के लिए शेयर बाजार के अधीन क्यो कर दिया जाता है ? एक कर्मचारी जो 25 से 30 वर्ष या इससे भी ज्यादा सेवा करता है उसे पेन्शन से वंचित करना अन्याय है अतः सरकार हठधर्मिता छोड़ कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू करे । आरंग ब्लॉक संयोजक हरीश दीवान ने बताया कि पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर छ.ग. के हजारो कर्मचारियों ने 13 सितंबर को एकदिवसीय उपवास किया इसी कड़ी में संघ के प्रवक्ता श्री दीवान ने उपवास व मौन व्रत रह कर मांग का समर्थन किया यह जानकारी कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल मांझी ने दी है ।
