*जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के मिलीभगत से चल रहा है परेवाडीही व दमकाडिही के अवैध रेत खदान*
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के मिलीभगत से चल रहा है परेवाडीही व दमकाडिही के अवैध रेत खदान
राजेंद्र साहू मगरलोड
लोग बचपन मे रेत से महल बनाते थे,लेकिन आज जमीनी स्तर में बना रहे है,बदली है तो सिर्फ समय बदला है,कार्य करने का तरीका बदला है।ज्ञात हो,की क्षेत्र में अवैध रेत माफियो का हौसला दिनों दिन बुलंद होता ही जा रहा है। जिसके कारण होने का गोरखधंधा बंद होने का नाम ही नही ले रहा है।सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पता चला है,की क्षेत्र की ग्राम परेवाडीह एवं दमकाडीह की रेत खदान को धमतरी जिला के प्रभारी मंत्री के करीबी कहे जाने वाले कुछ स्थानीय कांग्रेसी नेताओ एवं कुरूद विधायक के करीब कहे जाने वाले भाजपाई कार्यकर्ताओं के साठगाँठ से बेखौफ चलायी जा रही है गोरखधंधा। जिसमे खनिज विभाग की मिलीभगत की , बु आ रही है।ज्ञात हो,की रेत खदान को शासन द्वारा 15 जून से 15 अक्टूबर तक प्रतिबंधित किया है।जिसके बाद भी रेत माफियो द्वारा शासन-प्रशासन की नियमो को ताक में रखकर रेत की अवैध खनन कर परिवहन किया जा रहा है।बता दे की यह अवैध रेत खनन चंद रुपयों के लिए देश के दो बड़े-बड़े पार्टी से नाता रखने वाले क्षेत्र की धाकड़ कार्यकर्ताओ एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पैरी नदी से रात के अंधेरे में बेखौफ होकर रेत परिवहन करा रहे है।इन जनप्रतिनिधियों को थोड़ा भी लोक लॉज की डर नही है।शासन-प्रशासन के आँखों मे धूल झोंक कर भाजपा और कांग्रेस के चंद कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा चोर-चोर मौसेरे भाई का खेल- खेला जा रहे है।ऐसे लोगो को क्षेत्र की जनता अपना जनप्रतिनिधियों चुनकर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।तो वही सूत्रों की माने तो 14सितम्बर वाली बीती रात को ग्राम दमकाडीह और परेवाडीह दोनो रेत खदान को मिलाकर लगभग 10लाख रुपया की अवैध कारोबार किया जाने की बात सामने आयी है।
सत्ता और कुर्सी में बैठकर रेत की अवैध कारोबार को फल फूल देने वाले इन दोनों पार्टियों के अवैध कार्यो में मिलीभगत कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों की नाम से बहुत ही जल्दी पर्दा हटने वाला है,जो खबर भाग-2 में पढ़ने को मिलेगा।अब देखने वाली महत्वपूर्ण सवाल रहेगा? की क्या दमकाडीह एवं परेवाडीह की रेत खदान में गोरखधंधा की कलाकारी करने वाले इस कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों की नाम का पर्दाफाश खबर के माध्यम से होने के बाद क्या ? ये कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अवैध रेत खदान चलाने में बाज आयेगा?ये अपने आप मे बड़ा सवाल बना हुआ है।सूत्रों ये पता चला है की कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा सम्मानित पदों में बैठकर ग्राम दमकाडीह और परेवाडीह में चल रहे अवैध खदानों में जाकर रात-रात तक समय बिताया जाता है और किसी भी तरह से विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नही कराया जाता है।इससे साफ-साफ पता चलता है कि इसमें जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत है और जब अधिकारियों को क्षेत्र में चल रहे अवैध रेत खनन की जानकारी देने के बाद भी कोई जवाब नही आता है और ना, ही समय पर फोन लगता नहीं है।
