*किसान विधेयक बिल किसानों के लिए होगा काला कानून *
कोरोना आपदा काल मे केंद्र सरकार अवसर पाकर अपने उद्योगपतियों बड़े व्यवसायियों मित्रों को फायदा पहुंचाने अवसर प्रदान कर रही है
किसानों के लिए लाया
किसान विधेयक बिल किसानों के लिए होगा काला कानून
सुरेन्द्र जैन ,धरसीवां
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कार्यकारी जिलाध्यक्ष कांग्रेस सेवा दल रायपुर ग्रामीण मनहरण लाल वर्मा ने शुक्रवार फेसबुक लाइव होकर किसानों के लिए अपनी आवाज बुलंद किया मनहरण लाल वर्मा ने कहा कि कोरोना आपदा काल के समय केंद्र की बिजनेस जनता पार्टी की सरकार (बी जे पी) इसका फायदा उठा रही है, पहले एन सी आर, एनपीआर, सी ए ए , सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण और अब असंगठित क्षेत्र के सबसे बड़े रोजगार , देश को मजबूत अर्थव्यवस्था देने वाले क्षेत्र को निजीकरण की ओर ले जाने के लिए किसान विधेयक बिल लेकर आया है इस बिल का कानून बनकर लागू होने से पूरे देश के किसान बर्बाद हो जाएंगे और यह क्षेत्र निजीकरण हो जाएगा जिसमें बड़े उद्योगपतियों ,व्यवसायियों का कब्जा हो जाएगा और किसानों का पुरी तरह से शोषण होगा किसान बुरी तरह से बिचौलियों और कोचियो के चंगुल में फंस जाएगा केंद्र की सरकार हर इवेंट को मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार कर करती है तो आखिर इस बिल को बिना किसी चर्चा के बिना किसान संघों सलाह के आखिर क्यों अलोकतांत्रिक तरीके से पास कराया कोरोना काल के समय, बिल में मिनिमम सपोर्ट प्राइस का जिक्र क्यों नहीं किया, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम में खरीदी पर एफ आई आर दर्ज करने की क्यों जिक्र नहीं किया ,खाद्य सुरक्षा कानून के तहत न्यूनतम मात्रा भंडारण को हटाकर कालाबाजारी करने को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है क्या इससे देश में बाजार में खाद्यान्न की कमी नहीं होगा कालाबाजारी नहीं बढ़ेगा मूल्य में वृद्धि नहीं होगा संविदा खेती से इस क्षेत्र में निजी करण का बढ़ावा नहीं होगा बड़े उद्योगपति इस क्षेत्र में नहीं आएंगे जिससे गांव रेगहा पर जमीन लेकर कार्य करने वाले किसानों मजदूरों का रोजी रोटी नहीं छीनेगा क्या छोटे किसान अपने फसलों को उच्च दर पर बेचने के लिए दूसरे राज्य या बड़ी प्राइवेट मंडियों में बेचने पहुंच पाएगा इस पर इस प्रकार किसान, किसान ना होकर केवल मजदूरी करेंगे इसलिए इसका विरोध करें नहीं तो, कुछ नहीं बचेगा।
