*सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्राइवेट व सरकारी अस्पताल में पुनः की तरह जल्द से जल्द मान्यता देने व खोलने की अनुमति के लिये लिखा पत्र--रूपसिंह साहू*
सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्राइवेट व सरकारी अस्पताल में पुनः की तरह जल्द से जल्द मान्यता देने व खोलने की अनुमति के लिये लिखा पत्र--रूपसिंह साहू
गरियाबंद
जिला गरियाबंद रूपसिंग साहू सामाजिक कार्यकर्ता ने छत्तीसगढ़ राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री माननीय श्री टीएस सिंह देव जी एवं स्वास्थ्य सचिव व स्वास्थ्य संचालक श्री नीरज बंसोड जी छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों के सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्राइवेट एवं सरकारी अस्पताल में पुनः की तरह जल्द से जल्द मान्यता देने एवं प्रारंभ करने की मांग की में स्मार्ट और आयुष्मान कार्ड को पुनः चालू वह प्रारंभ करने की निवेदन किया छत्तीसगढ़ के अधीन अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से मरीजों की कठिनाई को देखते हुए जल्द शुरू करने की आग्रह किया गया केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को बंद करने से इसे राज्य सरकार की राजधानी ने देश के कई बड़े शहरों को करोना संक्रमण के फैलाव में पीछे छोड़ दिया है ऐसे ही स्थिति में भयानक कोरोना महामारी भी प्रदेश सरकार को चिंता में डालने वाली बात है स्मार्ट कार्ड और आयुष्मान भारत योजना का इन दोनों योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क ईलाज की सुविधा मिल रहे थे लेकिन छत्तीसगढ़ में सरकार बदलते ही इन दोनों योजनाओं को बंद कर दिया गया है श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार ने जनकल्याण इस योजना को अगर सही समय में चालू किया होता तो आज प्रदेश के लोगों को कोरोनावायरस समेत अन्य बीमारी ईलाज के लिए बहुत बड़ी राहत मिलती राज्य सरकार द्वारा आज राशन कार्ड में परिवर्तन कर ईलाज के लिए मान्यता दिया गया है लेकिन कई ऐसा जो बीमारी है जो कि योजना से पैकेज के रूप में बाहर कर दिया गया है जैसे बच्चेदानी (गंभीर स्त्री रोग विभाग) हाइड्रोसील अपेंडिस पाइल्स स्टोन हर्निया इत्यादि गंभीर बीमारियों को सूची से हटाने से कई मरीजों को इधर से उधर भटकना पड़ रहा हैं।
छत्तीसगढ़ में सभी मरीजों को ईलाज के अभाव में भटकना पड़ रहा है ऊपर से राज्य सरकार द्वारा राशन कार्ड पैकेज में स्मार्ट कार्ड एवं आयुष्मान भारत में जांच की श्रेणी में जैसे कि पैथोलॉजी एक्सरे सीटी स्कैन एमआरआई गंभीर बीमारियों की जांच को पैकेज राहत कोष में शामिल भी करना ज्यादा उचित होगा एवं सार्थक रहेगा आज हर मरीज स्मार्ट कार्ड आयुष्मान भारत में ईलाज कराने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है स्वास्थ्य लाभ के लिए मोहताज हो रहे हैं कि हमारा ईलाज आखिर कैसे होगा सरकारी या प्राइवेट की बात करें आज पूरे विश्व में कोरोना महामारी बीमारी से ग्रसित है इस भाव के ना मरीज ना तो अपने जिला अस्पताल एवं प्राइवेट अस्पताल में पैसे के बिना इलाज कराने में बहुत ही कठिन जान की स्थिति खराब है होते जा रहा है राज्य सरकार को समय रहते सरकार द्वारा यह दोनों योजना अगर चालू कर देते हैं तो पूरे देश में कई गंभीर मरीज एवं मजदूर लोगों का भला हो सकता है।
