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* कोविड ड्यूटी लगने से शिक्षको में दहशत,बिना प्रशिक्षण के ड्यूटी लगाने से शिक्षकों में भय*

 कोविड ड्यूटी लगने से शिक्षको में दहशत,बिना प्रशिक्षण के ड्यूटी लगाने से शिक्षकों में भय,इसके पहले भी एक शिक्षक की हो चुकी हैं मौत



अभनपुर क्षेत्र में कोविड ड्यूटी के लिए शिक्षको की ड्यूटी सूची जारी हुआ है जिसे देख ,शिक्षक परेशान हो गए की न तो उन्हें उक्त कार्य का कोई अनुभव है न ही कोई प्रशिक्षण मिला है,बढ़ते संक्रमण के बीच सर्वे कार्य करना जान जोखिम में डालने के समान है ,ऊपर से एक प्रश्न उनके बीच है कि क्या उन शिक्षको को 50 लाख का बीमा कवर दिया जायेगा?क्योंकि शासकीय कार्य करते कई शिक्षक संक्रमित हो चुके है कई काल के कपाल में समा गए है उन्हें 50 लाख का बीमा पर कार्यवाही नहीं हो रहा,अपने मन की चिंता पर आज एसडीएम अभनपुर,ब्लाक शिक्षा अधिकारी अभनपुर एवं स्वास्थ्य अधिकारी को एक आवेदन सौपे है कि यदि उक्त ड्यूटी करते कोई अप्रिय घटना हो जाती है तो समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। 




आपको बता दे कि कुछ दिन पूर्व भी शिक्षक का स्कूली कार्य के दौरान कोरोना संकर्मित हो गए थे और ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हो गया ।पर मौत का जिम्मेदार कौन,उनके परिवार की जिम्मेदारी किसकी, सहायक शिक्षक दीपक टंडन इस कोरोना काल में घर में थे ,उनके प्रधान पाठक शा प्रा शा सुरहोली विकासखंड बेरला जिला बेमेतरा 5 सितंबर को उन्हें शाला के कार्य हेतु व्हाट्सअप से जानकारी देकर ड्यूटी में बुलाया और ,5 सितंबर के बाद दीपक टंडन u dise के कार्य हेतु संलग्न हो हुआ और उस दरम्यान बीमार पड़ गया और  खासी की समस्या इतनी तेजी से बढ़ जाता है कि उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र  में भर्ती होना पड़ा और जांच में कोरोना संकर्मित के लक्षण मिले जिस पर  बेरला रिफर किया गया साथ ही उसी दिन रायपुर के बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया  पर कोरोना से संक्रमित होने के कारण 17 सितंबर को दीपक टण्डन 35 वर्ष का स्वर्गवास हो जाता है अब दीपक टंडन का परिवार जो झांकी विकासखंड अभनपुर से शासन से मांग करता है कोरोना काल में शासकीय कार्य पर संलग्न होते संक्रमित हो गए और आज हमारे बीच नहीं है ,दीपक को कोरोना के गाइड लाइन अनुसार परिवार को सुविधा मिलते पर नही मिले । साथ ही कोरोना काल में शिक्षको के संक्रमित होने और 50 लाख की बीमा की मांग करता आया है पर ड्यूटी ने उपस्थित होते,दीपक टंडन के कोरोना से मौत के बाद शासन से पुनः मांग करता है सभी शिक्षकों को बीमा कवर देते हुए कार्य लेवेऔर पीड़ित परिवार को शासन के द्वारा कोरोना काल जर दौरान कार्य करते मृत्यु होने पर बीमित के नाम राशि देवे। वही यह स्थिती को देख अभनपुर कर शिक्षको द्वारा बिना प्रशिक्षण के ड्यूटी लगाना खतरों से भरा हुआ मान कर ज्ञापन सौंपा। जिसमे क्षेत्र के शिक्षक उपस्थित रहे।

  

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