*विद्युत और वन विभाग के घोर लापरवाही के चलते तीन आदिवासियों व एक वन्य प्राणी हाथी की मौत*
विद्युत और वन विभाग के घोर लापरवाही के चलते तीन आदिवासियों व एक वन्य प्राणी हाथी की मौत
छुरा
आदिवासी बाहुल्य जिला गरियाबंद के अन्तर्गत विकास खंड छुरा के आश्रित पंचायत सड़कड़ा व जिला में विगत कुछ दिनों पूर्व विद्युत और वन विभाग के घोर लापरवाही के चलते तीन आदिवासियों व एक वन्य प्राणी हाथी की मौत हो गयी।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों पूर्व ग्राम व ग्राम पंचायत सड़कड़ा में विद्युत विभाग के कर्मचारियों की घोर लापरवाही के चलते तीन आदिवासियों की मौत हो गयी। वही जिला गरियाबंद के मैनपुर ब्लाक के धवलपुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम पारागांव में वन विभाग की घोर लापरवाही के चलते एक जंगली हाथी की करेंट से चिपक कर मौत हो गयी।
इस दोनो विषय को लेकर सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश प्रतिनिधि नीलकंठ सिंह ठाकुर व सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष भरत दीवान घटना स्थल पहुच कर जानकारी ली। पोस्ट मार्डम करने से इंकार करने पर अड़े जिला अध्यक्ष दीवान ने जिला कलेक्टर डेहरे व जिला चिकित्सा अधिकारी नवरंगे को फोन पर अवगत कराते हुए शीघ्र स्थानीय पाण्डुका में ही पोस्ट मार्डम करने की अपील की। उच्चस्तरीय अधिकारीयों द्वारा भी कहे जाने पर भी अलग अलग एरिया निर्धारित करते हुऐ कभी गरियाबंद और छुरा से पोस्ट मार्डम करवाने की परिजनो को सलाह दी गयी। जिस पर अड़े आदिवासी समाज पाण्डुका से लाश को उठाने नही दिया। छुरा तहसील के नायब तहसीलदार कुसुम प्रधान के समझाने पर भी समाज के लोग पाण्डुका में ही पोस्टमार्टम करवाने में लगे रहे। आनन फानन में प्रशासन ने सामाजिक तेवर को देखते हुए माँग के अनुसार पोस्टमार्टम किया गया तब जाकर समाज शांत हुआ।
इस विषय को लेकर सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष भरत दीवान, प्रदेश प्रतिनिधि नीलकंठ सिंह ठाकुर को पुछे जाने पर कहा कि आदिवासी समाज के लोगो के कोई माई बाप नही है। सभी लोग जनजातियों को तूक्ष नजर से देखते हुए नजर अंदाज करते है। आदिवासी बाहुल्य जिला गरियाबंद में आदिवासी समाज उपेछित हैं।
विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई है। विद्युत विभाग मृतक परिवार के परिजनों को मुआवजा राशि देने सुनिश्चित करे।
सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश प्रतिनिधि नीलकंठ सिंह ठाकुर ने दोनो विभाग को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि अधिकारी कर्मचारी किस बात और कार्य की पगार लेते है। अपने कार्यो से नादारत रहते है। रायपुर के नेताओं के गणेश परिक्रमा और आफिस के एसी से फुर्सत मिले तो विभाग की क्लास लेवे।
ऐसे निरंकुश आला अफसरों पर कडी़ कार्यवाही होनी चाहिए। छ ग राज्य मे दर्जनों हाथियों की अब तक मौत हो चुकी है। सभी निरंकुश ,अयोग्य अधिकारीयों को ततकाल हटाये जाने की माँग उठी उसे हटाया भी गया है।
उक्त घटना को लेकर क्षेत्रिय जनप्रतिनिधि व समाज के लोग आक्रोशित है।
सर्व आदिवासी समाज के तहसील अध्यक्ष कौशल सिंह ठाकुर, व आदिवासी सरपंच संघ ब्लाक छूरा के अध्यक्ष लेखराज ध्रुवा ने कहा ऐसे जिम्मेदार आला उच्चस्तरीय अधिकारी के ततकाल हटाये जाने की माँग लाँकडाउन के पश्चात सर्व आदिवासी समाज के द्वारा की जायेगी।
जनपद पंचायत छुरा के वर्तमान जनपद उपाध्यक्ष गौरव मिश्रा ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य विकास खंड छुरा में आदिवासी भाई बहनो पर हो रहे अनदेखी को कतयी बर्दाश्त नही की जायेगी। दोनो विभाग के दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों की शिकायत कर ततकाल हटाये जाने की माँग की जायेगी।


