राष्ट्रीय बालिका दिवस-के विशेष अवसर पर दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोज़ित किया गया*
*राष्ट्रीय बालिका दिवस-के विशेष अवसर पर दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोज़ित किया गया*
गरियाबंद
श्रीमती जगरानी एक्का जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग गरियाबंद के निर्देशानुसार व मार्गदर्शन में संबंधित परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षकों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बालिका दिवस के कार्यकम में ,
दिनांक 24/01/2021 .25/01/2021 को जिले के विभिन्न ग्राम में गरियाबंद विकासखण्ड के नहरगांव , , कसेरू एवं बेगरपाला , छुरा , विकासखण्ड के करचाली कूड़ेमा कोठीगाँव एवं नागझर फिंगेश्वर , विकासखण्ड के पेण्ड्रा एवं तरजुंगा , मैनपुर विकासखण्ड के अडगड़ी , देवभोग विकासखण्ड के - मोखागुडा में जा कर बाल जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
जिसके अन्तर्गत मौखिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता , रंगोली प्रतियोगिता , निबंध प्रतियोगिता . कुर्सी दौड़ , प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया ।
किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख एवं संरक्षण ) अधिनियम 2015 के बारे में लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 , बच्चों के अधिकार , पॉक्सो , गुड टच एवं बेड टच , बाल विवाह के बारे में बताया गया,
कि 18 वर्ष से कम उम्र के आयु के लड़की एवं 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के को विवाह काननून अपराध है ,
बाल श्रम के बारे में बताया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के आयु बालकों को फैक्टरी , कल करखानो तथा होटलो , ढाबों में कार्य करवाना कानूनन अपराध है ,
तथा ऐसा करवाना पर सजा का प्रवाधान रखा गया है ।
नशा मुक्ति , कन्या भ्रूण हत्या , बच्चों के अवैध प्रवास , चाईल्ड हेल्पलाईन नम्बर 1098 के बारे में बताया गया कि पलायन ,
भिक्षावृत्ति के बारे में बताया गया कि अगर कोई व्यक्ति बालकों को भीख मगवाता है या उसे प्रेरित करता है तो आप जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करे या चाईल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098 में निःशुल्क जानकारी दे सकते है ।
दत्तक ग्रहण के माध्यम से निःसंतान दम्पति को बच्चों को वैधानिक रूप से गोद लेने हेतु प्रेरित किया गया एवं पोषण देखरेख के बारे में जानकारी दिया गया ।
जिसमें जिला बाल संरक्षण इकाई के श्री अनिल द्विवेदी , जिला बाल संरक्षण अधिकारी , श्री शरदचंद निषाद , ( विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी ) श्री फणीन्द्र कुमार जायसवाल , संरक्षण अधिकारी ( संस्थागत देखरेख ) , श्री शैलेन्द्र नागदेवे संरक्षण अधिकारी ( गैर संस्थागत देखरेख ) , श्री प्रेमशंकर यादव ( परामर्शदाता ) , श्री प्रदीप जगताप ( लेखापाल ) , श्री पुष्कर सिंह साहू , ( डेटा एनालिस्ट ) , श्रीमती हेमलता नाविक , श्री अजीत कुमार शुक्ला , श्री यशवंत ध्रुव ( ऑउटरीवर्कर ) के द्वारा विभिन्न स्थानों में जाकर बाल संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई ।
