आज का चिन्तन(सुविचार) - fastnewsharpal.com
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आज का चिन्तन(सुविचार)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..14-04-2021*..🎋


जीवन को केवल तमन्ना (इच्छाओं )में ही मत जियो बल्कि इसे तन्मयता के साथ जीने की आदत भी बनाओ। 

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻 प्रकृति ने सिर्फ दो ही रास्ते दिये है,या तो देकर जाएं या फिर छोड़कर जाएं, साथ ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं है,इसलिये दाता बनो।

🌹 *σм ѕнαитι.*

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*इंसान की आर्थिक स्थिति कितनी भी अच्छी हो, लेकिन जीवन का सही आनंद लेने के लिए उसकी मानसिक स्थिति अच्छी होनी चाहिए l तभी सही आनंद में रह सकता है...*
ॐ शांति
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ओम शांति
🙏🌸 *मस्त रहो,खुश रहो,*🌸🙏 *माना कि जीवन का उद्देश्य परम शांति को प्राप्त करना है,मगर बिना संघर्ष के जीवन में शांति की प्राप्ति हो पाना कदापि सम्भव नहीं है। शांति मार्ग नहीं अपितु लक्ष्य है। बिना संघर्ष पथ के इस लक्ष्य तक पहुँचना असम्भव है।। जो लोग पूरे दिन को सिर्फ व्यर्थ की बातों में गवाँ देते हैं वे रात्रि की गहन निद्रा के सुख से भी वंचित रह जाते हैं। मगर जिन लोगों का पूरा दिन एक संघर्ष में, परिश्रम में, पुरुषार्थ में गुजरता है वही लोग रात्रि में गहन निद्रा और गहन शांति के हकदार भी बन जाते हैं।। जीवन भी ठीक ऐसा ही है। यहाँ यात्रा का पथ जितना विकट होता है।। लक्ष्य की प्राप्ति भी उतनी ही आनंद दायक और शांति प्रदायक होती है। मगर याद रहे लक्ष्य श्रेष्ठ हो, दिशा सही हो और प्रयत्न में निष्ठा हो फिर आपके संघर्ष की परिणिति परम शांति ही होने वाली है।। ईश्वर के न्याय की चक्की धीमी जरूर चलती है। पर पीसती बहुत बारीक हैं।।*
ओम शांति
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*14 अप्रैल:-*_ स्नेह की वर्षा दुश्मन को भी दोस्त बना देगी।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*कर्मफल का विधान* 🏵️             


🙏🏽👉🏽भगवान ने नारद जी से कहा आप भ्रमण करते रहते हो कोई ऐसी घटना बताओ जिसने तम्हे असमंजस मे डाल दिया हो...

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नारद जी ने कहा प्रभु

अभी मैं एक जंगल से आ रहा हूं, वहां एक गाय दलदल में फंसी हुई थी। कोई उसे बचाने वाला नहीं था।


तभी एक चोर उधर से गुजरा, गाय को फंसा हुआ देखकर भी नहीं रुका, उलटे उस पर पैर रखकर दलदल लांघकर निकल गया। आगे जाकर उसे सोने की मोहरों से भरी एक थैली मिल गई। थोड़ी देर बाद वहां से एक वृद्ध साधु गुजरा। उसने उस गाय को बचाने की पूरी कोशिश की। पूरे शरीर का जोर लगाकर उस गाय को बचा लिया लेकिन मैंने देखा कि गाय को दलदल से निकालने के बाद वह साधु आगे गया तो एक गड्ढे में गिर गया और उसे चोट लग गयी । भगवान बताइए यह कौन सा न्याय है।


भगवान मुस्कुराए, फिर बोले नारद यह सही ही हुआ। जो चोर गाय पर पैर रखकर भाग गया था, उसकी किस्मत में तो एक खजाना था लेकिन उसके इस पाप के कारण उसे केवल कुछ मोहरे ही मिलीं।

वहीं उस साधु को गड्ढे में इसलिए गिरना पड़ा क्योंकि उसके भाग्य में मृत्यु लिखी थी लेकिन गाय के बचाने के कारण उसके पुण्य बढ़ गए और उसे मृत्यु एक छोटी सी चोट में बदल गई। इंसान के कर्म से उसका भाग्य तय होता है। अब नारद जी संतुष्ट थे।

*सार:-सदा अच्छे कर्म मे ही प्रवत्त रहना चाहिए..

   *🙏🏻🙏🏿🙏जय जय श्री राधे*🙏🏽🙏🏾🙏🏼

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