आज का चिन्तन(सुविचार) - fastnewsharpal.com
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आज का चिन्तन(सुविचार)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..12-04-2021*..🎋


✍🏻जीवन में प्रसन्न व्यक्ति वह हैं, जो स्वयं का मूल्यांकन करता हैं, दुःख़ी व्यक्ति वह हैं जो सिर्फ दूसरों का मूल्यांकन करता है।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷


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  💥 *विचार परिवर्तन*💥

✍🏻जिंदगी Music Player नहीं है जिसमें आप अपनी पसंद के गीत सुन सके। जिंदगी एक रेडियो है उसमें जो भी आ रहा है उसीसे मनोरंजन करें।
🌹 *σм ѕнαитι.*
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🙏 *ॐ शांति* 🙏

हमारे कर्मों से ज्यादा, हमारे कर्मों के *उद्देश्य* का महत्व होता है, अर्थात जब हमारी सफलता का उद्देश्य सबको लाभान्वित करना होगा, तो हमारी *सफलता* से सबको खुशी होगी।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐


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अनमोल वचन :

जैसे शरीर का पिता शरीर जैसा है,ऐसे ही शरीर में रहने वाली ज्योतिपुंँज हमारी आत्मा का पिता ज्योति स्वरुप परमात्मा है और हम सभी उनके बच्चे हैं......... 

🙏ओम् शान्ति🙏

🌻आपका दिन शुभ हो 🌻

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*मनोचिकित्सक की सलाह*. 

*1*  कोरोना से जुड़ी ज्यादा खबरें ना देखे ना सुने , आपको जितनी जानकारी चाहिए आप पहले से ही जान चुके हैं।

*2* कहीं से भी अधिक जानकारी एकत्र करने का प्रयास छोड़ें क्योंकि ये आपकी मानसिक स्तिथि को और ज्यादा कमजोर ही करेगा।

*3.* दूसरों को वायरस से संबंधित सलाह ना दें क्योंकि सभी व्यक्तियों की मानसिक क्षमता एक सी नहीं होती , कुछ डिप्रेशन अर्थात अवसाद का शिकार हो सकते हैं। 

4-हर सुबह-शाम सकारत्मक सोच के साथ नियमित रूप से व्यायाम-योगा कीजिये,

*4.* जितना संभव हो संगीत सुनें , अध्यात्म , भजन आदि भी सुन सकते है , बच्चों के साथ बोर्ड गेम खेलें , परिवार के साथ बैठकर आने वाले वर्षों के लिए प्रोग्राम बनाएं।

*5.* अपने हाथों को नियमित अंतराल पर अच्छे से धोएं , सभी वस्तुएं की सफाई भी करें , किसी भी नव आगंतुक को 1 मीटर दूर से मिले ।

*6* आपकी नकारात्मक सोच-विचार की प्रवृति  डिप्रेशन बढ़ाएगी और वायरस से लड़ने की क्षमता कम करेगी दूसरी ओर सकारात्मक सोच आपको शरीर और मानसिक रूप से मजबूत बनाकर किसी भी स्तिथि या बीमारी से लड़ने में सक्षम बनाएगी । 

*7.* अत्यंत आवश्यक ...विश्वास दृढ़ रखें कि ये समय शीघ्र ही निकलने वाला है और आप हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहेंगे।
*सकारात्मक रहें -स्वस्थ रहें* ।
*आओ मिलकर-सकारात्मक विचार फैलाए।*

♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️

  

 👉 आखिरी काम 🏵️


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      *एक बूढ़ा कारपेंटर अपने काबसम के लिए काफी जाना जाता था , उसके बनाये लकड़ी के घर दूर -दूर तक प्रसिद्द थे . पर अब बूढा हो जाने के कारण उसने सोचा कि बाकी की ज़िन्दगी आराम से गुजारी जाए और वह अगले दिन सुबह-सुबह अपने मालिक के पास पहुंचा और बोला , ” ठेकेदार साहब , मैंने बरसों आपकी सेवा की है पर अब मैं बाकी का समय आराम से पूजा-पाठ में बिताना चाहता हूँ , कृपया मुझे काम छोड़ने की अनुमति दें . “* 

         *ठेकेदार कारपेंटर को बहुत मानता था , इसलिए उसे ये सुनकर थोडा दुःख हुआ पर वो कारपेंटर को निराश नहीं करना चाहता था , उसने कहा , ” आप यहाँ के सबसे अनुभवी व्यक्ति हैं , आपकी कमी यहाँ कोई नहीं पूरी कर पायेगा लेकिन मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि जाने से पहले एक आखिरी काम करते जाइये .”* 


       *“जी , क्या काम करना है ?” , कारपेंटर ने पूछा..* 


        *“मैं चाहता हूँ कि आप जाते -जाते हमारे लिए एक और लकड़ी का घर तैयार कर दीजिये ठेकेदार घर बनाने के लिए ज़रूरी पैसे देते हुए बोला l* 


        *कारपेंटर इस काम के लिए तैयार हो गया . उसने अगले दिन से ही घर बनाना शुरू कर दिया , पर ये जान कर कि ये उसका आखिरी काम है और इसके बाद उसे और कुछ नहीं करना होगा वो थोड़ा ढीला पड़ गया . पहले जहाँ वह बड़ी सावधानी से लकड़ियाँ चुनता और काटता था अब बस काम चलाऊ तरीके से ये सब करने लगा . कुछ एक हफ्तों में घर तैयार हो गया और वो ठेकेदार के पास पहुंचा , ” ठेकेदार साहब , मैंने घर तैयार कर लिया है , अब तो मैं काम छोड़ कर जा सकता हूँ ?”* 


           *ठेकेदार बोला ” हाँ , आप बिलकुल जा सकते हैं लेकिन अब आपको अपने पुराने छोटे से घर में जाने की ज़रुरत नहीं है , क्योंकि इस बार जो घर आपने बनाया है वो आपकी बरसों की मेहनत का इनाम है; जाइये अपने परिवार के साथ उसमे खुशहाली से रहिये !”* 


          *कारपेंटर यह सुनकर स्तब्ध रह गया , वह मन ही मन सोचने लगा , “कहाँ मैंने दूसरों के लिए एक से बढ़ कर एक घर बनाये और अपने घर को ही इतने घटिया तरीके से बना बैठा …क़ाश मैंने ये घर भी बाकी घरों की तरह ही बनाया होता .”* 

 _*सबक:-*_ 

       *कब आपका कौन सा काम किस तरह आपको प्रभावित कर सकता है ये बताना मुश्किल है. ये भी समझने की ज़रुरत है कि हमारा काम हमारी पहचान बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है. इसलिए हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम हर एक काम अपनी पूर्ण निष्ठा के साथ करें फिर चाहे वो हमारा आखिरी काम ही क्यों न हो!*

   ✍🏻

*ओम शान्ति...💫🌹*

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