आज का चिन्तन(सुविचार) - fastnewsharpal.com
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आज का चिन्तन(सुविचार)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..18-05-2021*..🎋


✍🏻अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं हैं तो, सिर्फ मुस्कुरा दीजिये, शब्द उलझा सकते हैं, पर मुस्कराहट हमेशा काम कर जाती है।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻अच्छे इंसान की एक विशेष विशेषता होती है, कि वो प्रत्येक इंसान की भावनाओं को ध्यान में रख व्यवहार करने की कोशिश करता है, जबकि संवेदनाहीन इंसान ऐसा करने में असमर्थ होता है।
🌹 *σм ѕнαитι.*🌹
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*अंधेरे मे जब हम दीया हाथ मे लेकर चलते है तो हमे यह भ्रम रहता है कि हम दीये को लेकर चल रहे है....*
*जबकि सच्चाई एकदम उल्टी है दीया हमे लेकर चल रहा होता है ।*
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*अच्छे के बदले सरल...*
*बनने का प्रयास करें...!*
*क्योंकि...*
*अच्छा मात्र आंखों तक...*
*पहुँच पाता है...*
*जबकि सरल हृदय तक...!!*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
*कुछ नेकी करके बदले में कुछ पाने की आस ना रखें,*
*इससे आपका किया सब व्यर्थ हो जाता है ।*
*बिना कुछ किये,अपने प्रभाव से कुछ हासिल कर लेना,भिक्षा ग्रहण के समान है!*
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*अच्छे के बदले सरल...*
*बनने का प्रयास करें...!*
*क्योंकि...*
*अच्छा मात्र आंखों तक...*
*पहुँच पाता है...*
*जबकि सरल हृदय तक...!!*
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*कुछ नेकी करके बदले में कुछ पाने की आस ना रखें,*
*इससे आपका किया सब व्यर्थ हो जाता है ।*
*बिना कुछ किये,अपने प्रभाव से कुछ हासिल कर लेना,भिक्षा ग्रहण के समान है!*
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*नमस्कार ,* 
          *संत और बसंत* 
  *‌‌  में एक ही समानता है* 
 *जब बसंत आया है तो प्रकृति* 
      *सुधर जाती है ।* 
 *जब संत आते हैं तो‌ संस्कृति* 
         *सुधर जाती है ।* 

    *🙏 राम राम साहब जी  🙏*
🦚 हरे कृष्ण 🦚
**ईश्वर... सिर्फ मिलाने का काम करता हैं.. संबंधों में नजदीकियाँ या दूरियाँ बढ़ाने का काम व्यक्ति स्वयं करता है..*
            
  🌹🙏🏻🌹 शुभ प्रभात 🌹🙏🏻🌹

♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*👉🏿बुद्धी की परीक्षा 🏵️

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एक बार एक राजा की कोई संतान नहीं थी, उम्र ढलती जा रही थी...


बहुत प्रयास किए, कई हकीमों वैद्यों को दिखाया परन्तु नतीजा  सिफर रहा। 


राजा को चिन्ता सताने लगी कि मेरे बाद राज पाट कौन संभालेगा।  


राजा को उपाय सूझा, महल के भीतर एक नया महल बनवाया, उसके मुख्य द्वार पर बीजगणित का एक सूत्र लिखवाया ...


और पूरे राज्य में  मुनादी पिटवाई कि जो भी व्यक्ति इस सूत्र को हल कर लेगा उसके बाद यह द्वार खुल जायेगा। 


वही इस महल का स्वामी व राज्य का उत्तराधिकारी होगा। 


अब पूरे राज्य के बड़े बड़े गणितज्ञ व् विद्वान पहुंचने लगे पर कोई भी उस सूत्र को हल नहीं कर सका।  


राजा की चिन्ता बढ़ने लगी। कुछ दिन बाद प्रयास करने वाले आने बन्द हो गए। 


राजा ने पास के राज्यों में भी ढिंढोरा पिटवा दिया प्रलोभन अच्छा था बहुत से लोग आने लगे पर किसी से भी सूत्र हल नहीं हुआ ।  


धीरे धीरे लोग आने कम हो गए, एक दिन केवल दो ही लोग पहुंचे जिनमे से एक गणितज्ञ थे और एक साधारण युवक, 


युवक के जीर्ण शीर्ण वस्त्र देख कर द्वारपाल उसे क्रोधित हो भगाने लगे -  "तुम से न हो सकेगा, जाओ" 


राजा की दृष्टि पड़ी तो युवक को रुकवाया गया, राजा बोले,"पहले युवक को ही अवसर प्रदान किया जाए।"  


युवक ने कहा कि पहले विद्वान व्यक्ति को ही अवसर दें, यदि इनसे न हो सका तब प्रयास करूंगा। 


राजा बोले ठीक है, आप आसन ग्रहण करें। 


वह गणितज्ञ शाम ढलने तक प्रयास करता रहा पर कुछ न हुआ।  


अब युवक को बुलाया गया, युवक ने जाकर द्वार पर हाथ लगा कर धक्का दिया, द्वार खुल गया। 


महल करतल ध्वनि से गूंज उठा।  


राजा ने पूछा, "आप कैसे कर पाए ?"  


युवक ने कहा कि जब विद्वान व्यक्ति पूरे दिन जूझ रहे थे तब मुझे लगा कि यह भी हो सकता है कि ये कोई बीजगणित सूत्र न ही हो। 


एवम द्वार पर बुद्धि परखने के लिए लिखा गया हो।" 


*जीवन मे कई बार हम सभी किसी समस्या से जूझते रहते हैं जबकि वो कोई समस्या होती ही नहीं...!!*




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