आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..06-07-2021*..🎋


✍🏻सत्य की चाहत होती हैं उसे सभी जान ले असत्य को भय होता है कोई उसे पहचान न ले।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻मुझे इस बात का कभी गम ना हो मालिक कि मेरे पास बहुत से दुनियावी सुखों की कमी है बल्कि मुझे इस बात की हमेशा ख़ुशी रहे कि दुनियां का हर सुख देने वाला प्रभु मेरे साथ है।

🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

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*🎊आत्मा के मुख्य 3 अंग इस प्रकार हैं:🎊* 

          *♻️ मन - बुद्धि - संस्कार ♻️* 

_⚜ आत्मा एक सूक्ष्म पॉइंट ऑफ़ लाइट है। उस पर कोई भी भौतिक शक्ति प्रभाव नहीं डाल सकती जिस तरह शरीर की कर्मेन्द्रियाँ है, उसी तरह आत्मा की भी तीन सूक्ष्म इन्द्रियाँ हैं मन, बुद्धि और संस्कार।_ 

     _★जैसे परमाणु में सूक्ष्म Electron, Neutron और Proton होते उसी प्रकार आत्मा में सूक्ष्म मन, बुद्धि और संस्कार होते हैं।_ 

_💥 *मन - mind* सकारात्मक व नकारात्मक विचार, ज़रूरी व व्यर्थ विचार  उत्पन्न करना।_  

_💥 *बुद्धि - intellect* सकारात्मक (सही) व नकारात्मक (गलत) निर्णय लेना ।_

_💥 *संस्कार- resolves* सकारात्मक (सही) व नकारात्मक (गलत) कार्यों की पुनरावृत्ति करना।_

_☀ जिस प्रकार Electric Energy भौतिक ऊर्जा का स्रोत है उसी प्रकार Eternal Energy (आत्मा) Spiritual Energy का स्रोत है।_

 _◆Electric Energy में तीन शक्तियां होती हैं।_

_1) Magnetic power_
_2) Vibration power_ 
_3) Radiation power_

_◆ठीक उसी प्रकार आत्मा में भी ये तीनों शक्तियां होती हैं।जिसके प्रति हम संकल्प करते उसको आकर्षित करते, संकल्प तरंगो द्वारा उस तक पहुंचते भी हैं, विकिरण शक्ति द्वारा संकल्पों को एकाग्र कर उस व्यक्ति के मनोदशा को बदल भी सकते, उसकी बीमारी को भी ठीक कर सकते हैं।_ 

_⚜ *मन* - यह आत्मा की विचार शक्ति है मन की शक्ति के द्वारा ही आत्मा सोचती है। मन की गति आवाज की गति से भी तीव्र है।_ 

     _◆मन और हृदय में अन्तर है क्योंकि हृदय शरीर का भौतिक अंग है जो रक्त संचारण को बनाये रखता है परंतु मन तो आत्मा की शक्ति है।_

_⚜ *बुद्धि* - यह आत्मा की तर्क और परखने की शक्ति है इसका कार्य है समझना, निर्णय लेना, तर्क करना।_

      _◆बुद्धि और मस्तिष्क में भी अन्तर है क्योंकि मस्तिष्क शरीर के नियंत्रण कक्ष के रूप में है लेकिन बुद्धि आत्मा की निर्णायक शक्ति है।_

_⚜ *संस्कार:-* यह आत्मा के किये हुए कर्मो का प्रभाव है जो आत्मा अपने साथ अगले जन्म में ले जाती है इसके आधार पर ही फिर मन में संकल्प उत्पन्न होते हैं।आत्मा प्रकाश और शक्ति से युक्त एक पॉइंट ऑफ़ लाइट है।भृकुटि में निवास करती है।_

_⚜ *संस्कार के बारे में  उदाहरण*_
 
_◆दो Identical twins के संस्कार भी same नहीं हैं। उन्हें गर्भ में भी एक जैसा ही वातावरण मिलता है।उनका nutrition भी same placenta से होता है। घर में भी उन्हें एक जैसा ही पालना होती है। फिर भी उनके संस्कार अलग क्यों होते हैं ?क्योंकि वो पिछले जन्म के अपने संस्कार साथ लेके आते हैं।_

_⚜ *संस्कार मुख्यतः पांच प्रकार हैं।*_

_१. *अनादि संस्कार:*_
 
_◆आत्मा के सात ओरिजिनल संस्कार:- पवित्रता, प्रेम, शांति, सुख , आनंद, ज्ञान व शक्ति_

_२. *आदि संस्कार :-* दैवी गुण युक्त_

_३. *पूर्व जन्म के संस्कार*_

_४. *खानदानी संस्कार* (Genetically acquired )_

_५.  *संग व वातावरण द्वारा दृढ़ता के संस्कार*_

_★ (Will power )_ 

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🙏 *ॐ शांति* 🙏

जो स्वयं को प्रेम नहीं करता... वह दूसरों को स्नेह नहीं दे सकता। स्वयं को *प्रेम* करने का *अर्थ* है... हर उस संकल्प, बोल व कर्म का *परहेज* ... जो स्वयं के लिये *हानिकारक* है।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
*जीवन मे जब भी हम*
     *खराब🚶🏻‍♀️😷🚶🏻‍♂️🤦🏻‍♀️🤦🏻‍♂️ दौर से गुजरते हैं*
          *तब मन🙇🏻‍♀️🙇🏻‍♂️ मे यह विचार*
          *जरूर आता है कि*
     *परमात्मा👆🏻💫🇲🇰 मेरी🤦🏻‍♀️🤦🏻‍♂️ परेशानी देखता*
           *क्यों❌ नहीं हैं*
     *मेरे दुःख कम क्यों❌ नहीं करता*
          *पर याद🙇🏻‍♀️🙇🏻‍♂️ रखना*
          *जब परीक्षा🚶🏻‍♀️😷🚶🏻‍♂️📝 चल*
          *रही होती है*
     *तब शिक्षक👆🏻👩🏻‍🏫👨🏻‍🏫🤫 मौन रहता है*.शिक्षक👆🏻💫📜 की शिक्षा साथ रहती है जो परीक्षा 🚶🏻‍♀️😷🚶🏻‍♂️में, विघ्न में पास🤲🏻👏🏻✌🏻😊🩺💉💊 कर देती है।

 सुरक्षित रहे, स्वस्थ रहे, अपनों के👬🏼👭🏻👫🏻👨‍👩‍👧‍👦 साथ मस्त👌🏻 रहे, अपना👩🏻💫👦🏻खयाल रखें।                                                               .                        दो🚶🏻‍♀️😷🚶🏻‍♂️ गज की दूरी बहुत बहुत है जरूरी, आप है भारत मा के कभी ना❌ हार माननेवाले👩🏻👦🏻 वीर।✌🏻.         ।                                          good👆🏻💫🇲🇰🌅🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♂️ morning😊
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*06 जुलाई:-*_ यदि हमारे कर्म श्रेष्ठ नही तो हमारा भाग्य भी श्रेष्ठ नहीं होगा, और यही सब के दुःख का कारण भी है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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              🌟 *★ देना ही लेना ★* 🌟


_★ एक राजा के राज्य में फकीर रहता था। राजा का रोजाना का नियम था। सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक अपने खजाने से गरीबों व भिखारियों को दान किया करता था अर्थात खजाना, पैसा बांटा करता था। जिससे उस राजा को बहुत खुशी मिलती थी। एक फकीर रोज आता था और लाइन में लग जाता था जो भी उससे पहले खड़े होते थे उसके बाद जो और लोग आते थे वह उनको अपनी बारी, अपना टर्न और लोगों को देता रहता था। धीरे-धीरे शाम के 5:00 बज जाते थे और फकीर का नंबर नहीं आता था। धीरे-धीरे कई दिन बीत चुके थे। ऐसा ही रोजाना होता था। फकीर अपना टर्न अपनी वारी दूसरों को देता रहता था। और शाम 5:00 बजे तक उसको दान नहीं मिलता था। यह क्रिया राजा का एक दरबारी देखता रहता था और नोट करता रहता था। उसने यह सारी बात राजा को बताई राजा ने भी गौर किया उसके बाद राजा ने उस फकीर को बुलाया और उस फकीर महाशय से पूछा हे महाशय! तुम रोज हमसे दान लेने के लिए आते हो लेकिन रोजाना खाली हाथ लौट जाते हो। तुम लोगों को अपने आगे करते रहते हो और अपना नंबर दूसरों को देते रहते हो। फकीर ने कहा! राजा जी आप राजा हो आपके पास संपत्ति, अमानत, रुपया, पैसा सब कुछ है। आप यह दान करते हो और मेरे पास बारी है, टर्न है। मैं वह दान करता हूं। राजा जी जब आप किसी को दान दिया करते थे तब आपके चेहरे पर एक अलग ही खुशी दिखाई देती थी। मैं उस खुशी को देखकर सोचने लगा कि राजा दान देकर खुश होते हैं। तो मुझे भी कुछ देना चाहिए। मैं तो फकीर हूं मेरे पास तो कुछ देने के लिए नहीं है। तब मैंने सोचा मेरे पास बारी देने के लिए है, टर्न देने के लिए है। मैं तो फकीर हूं मुझे तो यह हीरे, जवाहरात, रत्न, खजाने, रुपया, पैसे लेने की जरूरत ही नहीं है। मेरे लिए यह चीज महत्व नहीं रखती है। तब मैंने देना शुरू किया जिससे मै आपसे ज्यादा खुशी का अनुभव करने लगा हूं। देवताओं को सदा आशीर्वाद देने के पोज में दिखाते हैं, जिससे उनका चेहरा सदा हर्षित रहता है। लक्ष्मी को धन देने के पोज में दिखाते हैं अर्थात जिसके पास जो होता है, वह देता है। तो हमें सोचना है कि हमारे पास क्या है जो हम लोगों को दे सकें। क्योंकि देना ही लेना है। अगर हम स्थूल या सूक्ष्म में कुछ भी देते हैं तो उसके बदले में हमें कई गुना मिलता है। किसी को सम्मान देंगे, तब हमें कई गुना सम्मान मिलेगा। हम दिन भर लोगों को क्या देते हैं थोड़ा सा इस पर नजर डालते हैं।_


_*◆ वर्तमान में जो हम देते हैं*_


_◆ हम आज कलियुग के अंत समय में हैं अब हम रोजाना अपने अपने दान को चेक करेंगे। आज हमने क्रोध कितनों को दिया है, कितनों को पत्थर दिए हैं, कितनो को ईर्ष्या दी है, कितनो को घृणा दी है, कितनों को बुरी दृष्टि के द्वारा देखा है, कितनों के अवगुणों को देखा है, देखना अर्थात हमारे संकल्प चलना और संकल्प चलना अर्थात दूसरों को देना। लिस्ट तो बहुत लंबी है यह तो सभी जानते हैं कि हम क्या क्या देते हैं तो उनको लिखना ही शक्ति/एनर्जी को कमजोर करना है क्या हमारे पास यही सब कुछ देने के लिए है, क्या इसके अलावा और कुछ भी देने के लिए है। थोड़ा हटके सोचते हैं।_


 _*★ आज से हमें यह देना है*_ 


_◆ हमारे पास पैसा है तो पैसे का दान कीजिएगा। समय है तो समय का दान कीजिएगा। हमारे पास ज्ञान है तब ज्ञान का दान कीजिएगा अर्थात जो भी हमारे पास है उसका दान  कीजिएगा। जिससे वह दान किया हुआ कई गुना हमको वापस होकर मिलता है। इसको *देना ही लेना* कहा जाता है। शब्दों में कहें कि जब हम छोटे बच्चे को बेटा कहते हैं, तब वह हमें रिस्पेक्ट देता है। माना कि हमारे पास कुछ भी नहीं है। तब हम चलते फिरते जो सामने दिखता है, या जो भी हमें दिन भर में मिलता है, या संबंध संपर्क में आता है उन सभी के लिए कल्याण की भावना रख सकते हैं। उसके लिए कुछ शब्द हम लिख रहे हैं। इससे हम अपने मन के द्वारा दान दे सकते हैं। इसमें खर्च कुछ नहीं है, सिर्फ संकल्प से दान देना है।- *सभी का कल्याण हो। सभी सुखी हो और सब का भला हो। सभी का जीवन सफल हो। सभी के जीवन में सुख, शांति, खुशी और पवित्रता आ जाए। सभी निरोगी बन जाए। सभी स्वस्थ हो जाएं। सभी इस वायरस के दुख से मुक्त हो जाएं। सभी के अंदर देवताओं जैसे गुण आ जाएं। सभी सर्वगुण संपन्न बन जाए। सभी निर्विकारी बन जाए। सभी 16 कला संपूर्ण बन जाए। सभी संपूर्ण पवित्र बन जाए। सभी फरिश्ता बन जाए। सभी दूसरे के मददगार बन जाए। सभी सुखी हो जाएं। सभी सदा खुश रहें .........* आदि आदि हम कोई भी दान दे सकते हैं। यह तो कुछ ही हमने दान लिखे हैं जो भी आपको अच्छे लगे आप वह दे सकते हैं। इसमें न समय का खर्च है, न पैसे का, न मेहनत का कोई भी खर्च नहीं है। सिर्फ मन से संकल्प के द्वारा देना है। इसके बदले में अभी कितनी खुशी मिलेगी और बाद में कितना अमाउंट जमा होगा वह तो समय ही बताएगा।_


_*★ शिक्षा* :-  इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है कि किसी के जीवन में बहुत पैसा है, कोई गरीब है। किसी के रिश्ते में बहुत अनबन है, किसी का कुछ हद तक रिश्ता ठीक है। कोई बहुत बीमार है, कोई स्वस्थ/ठीक भी है। इन सबके पीछे राज क्या है? क्योंकि जब हम इस दुनिया में आते हैं तो मुट्ठी बंद करके आते हैं और जब हम इस दुनिया से जाते हैं तब हाथ फैलाकर जाते हैं। आते समय भी कुछ दिखाई नहीं देता है और जाते समय भी कुछ दिखाई नहीं देता है कि हम क्या लेकर आए थे और अब क्या लेकर जा रहे हैं। फिर यह अमीरी, गरीबी, दुख, कष्ट, बीमारी आदि हमें कैसे प्राप्त होती है। जरूर पिछले जन्म में कुछ हमने दिया होगा उसी के बदले में यह मिल रहा है। अब हमें अगले जन्म के लिए सोचना है कि हमें अगले जन्म में क्या लेना है उसके हिसाब से हमें क्या देना है।_


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               *★☀️ ओम शान्ति☀️★*


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