प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय फिंगेश्वर द्वारा 20 से 30 वर्ष ज्ञान में चलने वाले भाई - बहनों का सम्मान समारोह
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय फिंगेश्वर द्वारा 20 से 30 वर्ष ज्ञान में चलने वाले भाई - बहनों का सम्मान समारोह
तेजस्वी/छुरा
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय उप सेवा केंद्र फिंगेश्वर के तत्वाधान में ऐसे भाई बहन जो ईश्वरीय सेवा में अपने जीवन को पूर्ण रूप से दिया जिन्होंने तन-मन-धन एवं समर्पण के साथ विभिन्न परिस्थितियों में स्वयं को मजबूत अचल-अडोल रखा स्वंय हरेक कार्य में आगे रहा एवं दूसरों को भी आगे बढाने में सहयोग प्रदान किया | इस अवसर पर गरियाबंद सेवा केंद्र से आई हुई राजयोगिनी बिंदु दीदी ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा की समाज में बुजुर्ग एवं माता-पिता एक वृक्ष की तरह होते हैं जो सदैव देते रहते हैं उनका जीवन परोपकार से भरा हुआ है इसलिए सदैव इनकी हमें सम्मान करना चाहिए |
छुरा सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी गायत्री दीदी ने विघ्न विनाशक गणेश जी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा की जिस प्रकार भगवान् शिव जी ने अहंकार वश गणेश जी के सिर को काट कर दिव्य एवं विशाल बुध्दी हाथी के सिर को लगाया उसी प्रकार हमें भी अहंकार को त्याग कर सबके लिए विशाल बुध्दी, कल्याणकारी भावना रखनी चाहिए |
इस अवसर पर कौन्दकेरा सेवा केंद्र से राजयोगिनी तारिणी दीदी, श्यामनगर से राजयोगिनी शीला दीदी ने अपना उद्बोधन दिया साथ ही सम्मान समारोह के नवरत्न बी.के.तुला भाई, बी.के. नरसिंग भाई, बी.के. खेदु भाई, बी.के. रतनू भाई, बी.के मालती माता, बी.के. कुमारी माता, गनेशिया माता, दुलौरिन माता, एवं हिरौन्दीन माता का सभी ब्रह्माकुमारी बहनों के द्वारा श्रृंगार कर सम्मान किया गया |
उक्त कार्यक्रम फिंगेश्वर सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी उमा दीदी एवं सभी भाई बहनों के द्वारा किया गया जिसमें आस पास के सैकड़ो ईश्वरीय परिवार के भाई शामिल होकर उन 20 से 30 वर्षों तक ईश्वरीय सेवा में आगे रहने भाइयों एवं माताओं को वंदन कर शुभकामनाएं दिए कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन सेवा केंद्र संचालिका बी.के. उमा दीदी के द्वारा किया गया |
