नगर के ओम शांति कॉलोनी के त्रिमूर्ति भवन में आयोजित दो दिवसीय पित्र मुक्ति शांति साधना शिविर का समापन
नगर के ओम शांति कॉलोनी के त्रिमूर्ति भवन में आयोजित दो दिवसीय पित्र मुक्ति शांति साधना शिविर का समापन
नवापारा नगर
,पित्रों को शांति व मुक्ति मिले जन्म , जन्म की अशांत व भटकी हुई पूर्वज आत्माओं को तर्पण, अर्पण, समर्पण, ब्राहमण भोजन के द्वारा मुक्ति के प्रयास किए जाते हैं। इसी कड़ी में ब्रह्मा कुमारी के धार्मिक प्रभाग द्वारा प्रथम बार शहर में पित्र मुक्ति शांति साधना शिविर का दो दिवसीय आयोजन किया गया। इसमें बिलासपुर से पधारी ब्रह्मा कुमारी रमा बहन ने बताया कि श्राद अर्थात श श्रद्धा भावना द्वारा हम अपने पूर्वजों को याद कर परमात्मा से विशेष प्रार्थना कर उन आत्माओं को याद करके शांति का दान दिया जाता है। इंदौर से पधारे धार्मिक प्रभाग के संयोजक ब्रहमा कुमार नारायण भाई ने बताया कि विशेष पाप कर्म के कारण मानव आत्मा अकाले मौत का शिकार मन जाती है। शांति व शक्ति के प्रकंपन विशेष राजयोग अभ्यास द्वारा अपने शक्तिशाली मनसा प्रकंपन उन आत्माओं तक तरंगे पहुंचाकर उन को शांति व शक्ति प्रदान करना यह मानव जीवन का प्रथम कर्तव्य होता है।
ब्रहमा कुमारी पुष्पा बहन ने बताया इस शिविर में विशेष धमतरी गरियाबंद दुर्ग रायगढ़ रायपुर देवभोग स्थानों से इतनी बड़ी संख्या में साध्वी ब्रह्मा कुमारी के तपस्या का वातावरण आत्माओं को शान्ति का बहुत बड़ा बल प्राप्त होता है। गरियाबंद से पधारी बिंदु बहन ने कहा इस पक्ष में कुत्ते व कौवे का भी सम्मान किया जाता है। पांडव जब पहाड़ों पर गल कर मर गए तो कुत्ता भी साथ में था। कुत्ता वफादार का प्रतीक बताया था। हमारी श्रेष्ठ कर्म वफादार कुत्ते की तरह सदा साथ निभाते हैं। कोपरा से पधारी कुंती बहन ने बताया कि हमारे सामुहिक योगाभ्यास द्वारा नकारात्मक वातावरण में तेजी से बदलावआने से उन जीवात्मा को हमारी द्वारा शांति व शक्ति मिलती है। कार्यक्रम के समापन में शहर के समाज सेवी स्वरूपचंद टाटिया जी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इनकी साधना के कारण हाल व शहर के वातावरण में अद्भुत परिवर्तन देखने को मिला, इनके पवित्र कंपन से वातावरण चुंबकीय हो गया। विशाऊ भाई ने सभी को प्रतिदिन शारिरिक एक्सरसाइज कराई इसमें बडी संख्या में नगर वासी भी उपस्थित रहे। कुमारी श्रेया ने स्वागत नृत्य किया। संचालन ब्रहमा कुमारी प्रिया ने किया। अंत में सभी को नारायण भाई ने गहन मेडिटेशन की प्रेक्टिकल अनुभूति भी कराई कार्यक्रम के समापन पर विदाई बधाई का दस्तक स्पर्शी वातावरण बन गया


