एनएच द्वारा बनाये सिक्स लाइन के दुर्घटना पॉइंट पर दो भागों में बंटा ट्रेक्टर,बड़ा हादसा टला
एनएच द्वारा बनाये सिक्स लाइन के दुर्घटना पॉइंट पर दो भागों में बंटा ट्रेक्टर,बड़ा हादसा टला
सुरेन्द्र जैन/धरसींवा
एनएच द्वारा ग्रामीणो की राहगीरों की वाहन चालकों की सुविधाओं की अनदेखी कर राजनीतिकों को लाभ पहचाने की दृष्टि से बेतरतीव ढंग से बनाये गए सिक्स लाइन के दुर्घटना पॉइंट पर बुधवार को फिर एक बड़ा हादसा होते होते टल गया यहां सिक्स लाइन पार कर रहे ट्रेक्टर से एक अन्य वाहन के टकराने से ट्रेक्टर दो भागों में बंट गया गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नही हुआ।
*प्रभावशालियो को लाभ पहुचाने की साजिस से बना दुर्घटना पॉइंट*
सिक्स लाइन का निर्माण सभी के लिए सुविधाओ के विस्तार के रूप में किया जाता है न कि दुर्घटनाओं को बढ़ावा देने के लिए लेकिन जिस तरह से एनएच ने सांकरा से सिमगा तक सिक्स लाइन के निर्माण में जनता की अनदेखी कर चन्द प्रभावशाली लोगों को लाभ पहचाने की दृष्टि से काम किया उससे सांकरा में एक बड़ा दुर्घटना पॉइंट बन गया जहां आये दिन बड़े हादसे होते हैं
ओधोगिक क्षेत्र सिलतरा फेस वन ओर फेस टू इन दो भागों में विभाजित है रायपुर बिलासपुर राजमार्ग के पूर्व में फेस वन एवं पश्चिम में फेस टू है इसलिए यहां वाहनों की आवाजाही इतनी अधिक होती है कि निरंतर यह मार्ग व्यस्त रहता है सिक्स लाइन निर्माण के पूर्व सांकरा चोक में हाइवे किनारे मार्केट था और यही से हाइवे पार कर निको की ओर जाने वाले वाहन एवं श्रमिक आसानी से सड़क पार करते रहते थे लेकिन सिक्स लाइन बनाने के समय अंडरब्रिज की जो मांग की गई थी एवं अधिकारियों ने आश्वासन दिया था उसे दरकिनार कर दिया सांकरा चोक का मार्केट खत्म कर उसे आगे कुछ प्रभावशाली लोगों की जमीन के आसपास विकसित करने की दृष्टि से वहां बड़ा चोक बना दिया रसूखदारों की जमीनों पर दुकाने खुले इस उद्देश्य की पूर्ति तभी संभव थी जब सांकरा से सिलतरा तक कहीं भी सिक्स लाइन पर चढ़ने उतरने दोनो तरफ से मार्ग न बनाये जाए तो ऐंसा ही हुआ ओर धनेली के बाद सांकरा की सीमा शुरू होने के बाद चरोदा तक कहीं भी सिक्स लाइन के ऊपर चढ़ने उतरने की व्यवस्था नही दी गई मात्र प्रभावशाली लोगों की जमीनों के सामने चोक बना दिया ताकि हर वाहन यहीं से जान हथेली पर रखकर सिक्स लाइन पार करे ओर यु टर्न कर यही से सिक्स लाइन पर चढ़े उतरे भले उससे दुर्घटनाएं ही क्यों न हों एनएच की इसी मनमानी ने अब तक कई जाने इस स्थान पर ले ली हैं और आये दिन हादसे थम नही रहे हैं।
*सांकरा से चरोदा तक अंडरब्रिज एवं उतरने चढ़ने की होना थी व्यवस्था*
सिक्स लाइन में सांकरा के बाद सिलतरा पुराना दारुभट्टी चौक एवं चरोदा वायपास में भी अंडरब्रिज ओर सिक्स लाइन पर चढ़ने उतरने दोनो तरफ से मार्ग का निर्माण करना अत्यंत जरूरी था क्योकि सांकरा से चरोदा तक सड़क के दोनो तरफ ओधोगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियां होने से वाहनों की आवाजाही उनका सड़क पार करना ग्रामीणों का ड्यूटी जाना और स्कूली बच्चों का स्कूल आना जाना होता रहता है यदि सही ढंग से सिक्स लाइन का निर्माण किया जाता तो न तो कभी दुर्घटना होती न सांकरा से सिलतरा तक सर्विस रोड पर कभी जाम लगता लेकिन ऐंसा नहीं किया क्योकि ऐंसा करने से प्रभावशाली लोगो की जमीनों के सामने वाहनों के रुकने घूमने का कारण ही नही बचता ओर उनकी जमीनों की कीमत नहीं बढ़तीं वहां धन्धा पानी नहीं चलता बस इसीलिए जन सुविधाओ की अनदेखी कर बना दिया दुर्घटना पॉइंट।
*सिक्स लाइन पड़ा रहता है सुना और दस फीट का सर्विस रोड रहता है व्यस्त*
एनएच की मनमानी के चलते सांकरा से सिलतरा तक सिक्स लाइन तो ज्यादातर सूना पड़ा रहता है जबकि मात्र दस फीट चौड़ा बनाया गया सर्विस रोड निरंतर व्यस्त रहता है जिस ओर अक्सर जाम भी लगता है फेक्ट्रियो में जाने और वहां से आने वाले वाहनो की आवाजाही सर्विस रोड पर अत्यधिक होने का कारण यही है कि न तो सिक्स लाइन पर चढ़ने उतरने की दुर्घटना पॉइंट चोक के अलावा कोई व्यवस्था है न सड़क पार करने की व्यवस्था है इसलिए सबसे अधिक सर्विस रोड ही चलता है ।
*कम से कम बीस फीट चौड़ा हो सर्विस रोड*
सांकरा से सिलतरा तक जिस प्रकार सर्विस रोड सिक्स लाइन से भी कई गुना अधिक व्यस्त रहता है और आये दिन दुर्घटनाए होती हैं उसे देखते हुए सर्विस रोड की चौड़ाई कम से कम बीस फीट होना जरूरी है एवं दोनो तरफ कम से कम तीन तीन फीट मजबूत साइडें बनाई जाए तभी बढ़ते सड़क हादसों को रोका जा सकता है अन्यथा आने वाले समय मे दुर्घटनाऐं ओर भी बढ़ेंगी।
*मुआवजा लेकर उसी राशि से उसी जगह तान दी पक्की दुकानें*
सिक्स लाइन के निर्माण के पूर्व ही सांकरा से सिलतरा तक सड़क किनारे के एक लाइन से सभी दुकानदारों को उनकी पूरी पूरी जमीन भले वह बेजा कब्जे की ही क्यों न रही हो उसका लाखों रुपये मुआवजा सभी को दिया गया लेकिन मुआवजे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ के चलते मुआवजा धारियों ने उसी मुआवजे की राशि से उसी जगह पुनः पक्की पहले से भी जोरदार दुकानों का निर्माण कर लिया अब समझ यह नही आ रहा कि क्या जिम्मेदारों ने उन दुकानदारों को इसीलिए मुआवजे के रूप में राशि दी थी कि वह वहां पक्की दुकाने बना सकें यदि ऐंसा नहीं था तो सर्विस रोड को चौड़ा क्यों नही किया और उन्हें उसी जगह मुआवजा राशि से पक्की दुकाने क्यों बनाने दी।