*प्रदेशवासियों एवं जिले वासियों को हिंदू नववर्ष की दी हार्दिक शुभकामनाएं-- रूपसिंग साहू
*प्रदेशवासियों एवं जिले वासियों को हिंदू नववर्ष की दी हार्दिक शुभकामनाएं-- रूपसिंग साहू*
गरियाबंद
रूपसिंग साहू सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता जिला गरियाबंद ने जिले एवं प्रदेशवासियों को हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा की हमें यह नववर्ष खूब उत्साह उल्लास के साथ मनाना चाहिए पूजन पाठ के साथ घरों की साफ-सफाई से लेकर अपने मंदिरों में भगवान का श्रृंगार करें पूजन करें एवं घर के ऊपर ध्वजा लगाए, गोबर लिप कर सुंदर रंगोली का निर्माण करें दीप जलाये एवं देवताओं का साम्राज्य स्थापित करने के लिये माॅ दुर्गा ने तीनों लोकों में उत्पात मचाने वाले दानवों को किस प्रकार नाश किया श्री साहू ने बताया माता भगवती का अवतार कैसे हुआ जब धरती पर दानवों का बहुत ज्यादा अत्याचार बढ़ गया तो देवताओं ने सोचा कि ऐसी कौन सी शक्ति है जिसके द्वारा इनका संहार हो, तब सभी देवी देवताओं ने एक जगह एकत्रित होकर माँ शक्ति का आह्वान करते हुए शक्तिपात किया, जिससे मां भगवती दुर्गा प्रकट हुई और सभी देवी देवताओं ने अपने अपने शक्ति के अनुसार उन्हें अस्त्र-शस्त्र प्रदान कीये वर्तमान के समय के संकट का चिंतन करते हुए बताया कि आज भी यह विडंबना बनी हुई हैं कि हमारी संस्कृति को हमें बचाने के लिए इन्हीं देवी देवताओं की तरह एकत्रित संगठित और सामूहिक होना पड़ेगा जहां पर बहुत सी कुरीतियां नास्तिकता एवं धर्मांतरण चरम पर फैल चुका है तो हमें आवश्यक है कि देवताओं की तरह ही हम शक्ति उपासना हेतु अर्थात अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए संगठित हो इसीलिए हमें हिंदू नव वर्ष को बहुत अधिक महत्व देना चाहिए यही हमारी संस्कृति और सभ्यता का घोतक है जब तक हम संगठित नहीं होंगे शक्ति का प्रदर्शन नहीं कर सकते हम सनातनी संगठित होकर ही इन नकारात्मक दुष्ट शक्तियों का संहार कर सकते हैं, अपने धर्म की रक्षा के लिए सभी सर्व समाज अपने अस्त्र शस्त्र प्रदान करें कोई धन दे कोई दान दे, कोई विद्या दे कोई कर्म दें जिसके पास जो भी है वह लगा दे अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए राष्ट्रीयता के लिए धर्म की रक्षा के लिए अखंडता के लिए एकता के लिए, जिस तरह से देवताओं ने माता को अपने अस्त्र-शस्त्र प्रदान करते हुए उन्हें शक्ति स्वरूपा बनाया वैसे ही हम आज माता शक्ति स्वरूपा का फिर से आह्वान कर चंड मुंड जैसे राक्षसों का संहार कर अपने राष्ट्रीयता व धर्म की हम सब मिलकर रक्षा करेंगे।
