*केन्द्र सरकार की किसान विरोधी अध्यादेश की प्रतियों को जलाकर किया विरोध* - fastnewsharpal.com
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*केन्द्र सरकार की किसान विरोधी अध्यादेश की प्रतियों को जलाकर किया विरोध*

 केन्द्र सरकार की किसान विरोधी अध्यादेश की प्रतियों को जलाकर किया विरोध 



राजिम

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यों ने केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई कृषि एवं किसान विरोधी अध्यादेश की गाँव गाँव में प्रतियों को जलाकर विरोध किया है। साथ साथ ही हरियाणा में 10 सितम्बर को किसान आंदोलन पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा किया है।




    किसान सभा के राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार कोरोना काल को अपने लिए एक राजनीतिक अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हुए कृषि क्षेत्र को पूरी तरह कॉरपोरेट घरानों के हाथों में सौंपने के लिए बिना सदन में चर्चा किये किसान विरोधी अध्यादेशों को पारित किया है और साथ ही  बिजली कानून में बदलाव के लिए मसौदा तैयार किया हुआ है। मोदी नेतृत्व भाजपा सरकार द्वारा कोरोना काल मे लायी गयी किसान विरोधी नीतियां ही किसानों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया है। हरियाणा के पिपली मंडी परिसर में रैली के लिए आ रहे किसानों को धारा 144 व महामारी एक्ट के बहाने रोकना व पुलिस लाठीचार्ज करना हरियाणा सरकार की दमनात्मक व निंदनीय कदम है। केन्द्र सरकार कोरोना का मुकाबला करने में असफल साबित हुआ तो एक एक कर लॉक डाउन की प्रक्रिया को खोल दिया है, बस और ट्रेनें चलाने आदेश कर दिया है तो धारा 144 क्या सरकार की जन विरोधी, किसान विरोधी नीतियों का खुलकर विरोध करने वालों की दमन करने  के लिए लागू रखना चाहते हैं। देश भर के किसान संसद सत्र के पहले दिन 14 सितम्बर को केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ गाँव गाँव में अध्यादेश की प्रतियों को जलाकर जंतर मंतर दिल्ली में 14 सितम्बर के विरोध प्रदर्शन के साथ एकजुटता कायम किया है। किसान यदि सड़क पर उतर रहे हैं तो उसका एकमात्र जिम्मेदार केन्द्र की भाजपा सरकार है। केन्द्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि जब आप बिना लोकसभा में चर्चा किये तीनों अध्यादेश पारित किया है तो 15 सितंबर से शुरू होने वाले लोकसभा में उसे रदद् करो और उन पुलिस कर्मियों को नियमानुसार सजा देने की मांग करते हैं जो हरियाणा के आंदोलनकारी किसानों की जख्मों के लिए सीधे जिम्मेदार हैं।



ये प्रदर्शन दूतकैय्या, बेलटुकरी, कुम्हि, परतेवा, श्यामनगर, कौंदकेरा, सिर्रीकला, बिडोरा, जिडार आदि गॉवों में किया गया जिसमें मदन लाल साहू, ललित कुमार, तेजराम विद्रोही, उत्तम कुमार, कुबेर राम, भागवत साहू, हरखराम, रामावतार, गुलाल,साहू, बहादर खान, महमुद्दीन कुरैशी, राकेश साहू, मोहन ध्रुव, गोपाल साहू, दीनदयाल, डेकेश, विष्णु साहू, सुखराम, डोमन, कृष्णा, श्रीमती जनिया बाई, अमरीका बाई, भोजबाई, भोजा बाई, योगेन्द्र साहू, गैंद लाल तारक, कृपाराम तारक, किशोर कुमार, लीलाराम, श्रीराम साहू, प्रेमलाल साहू, रामलाल, अर्जुन यादव, राजेन्द्र साहू, शेखर, पुरुषोत्तम साहू, नारद यादव, मेहत्तर साहू, ओमकुमार, कमलनारायण साहू, सोमनाथ, दिनेश कुमार, चुम्मन लाल, धनाजी, रेखराम, सोमन यादव, कपूर साहू, होरीलाल, पवन कुमार, जहूर राम आदि उपस्थित रहे।


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