*सामाजिक कार्यकर्ता रूपसिंग साहू ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन*
सामाजिक कार्यकर्ता रूपसिंग साहू ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन
श्री साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनके जयंती पर नमन एक आत्मा मानववाद पर उनके विचार लाखों लोगों को प्रभावित करते हैं वह एक असाधारण संचालक और परिश्रमी कार्यकर्ता थे जिन्होंने कई देशभक्तों को तैयार किया उनका जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित था उल्लेखनीय है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 में और मृत्यु 11 फरवरी 1968 में हुई थी उन्होंने अंत्योदय के रूप में राजनीति को एक नई परिभाषा दी जिसके तहत समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का विकास करना है पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारत के उन महान विभूतियों में से थे जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद के मौलिक चिंतन के जरिए व्यक्ति और समाज की परस्पर एकात्मता पर बल दिया उन्होंने अंत्योदय की अवधारणा के अनुरूप राष्ट्र की तरक्की के लिए समाज की अंतिम पंक्ति के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत बताई भारतीय राजनीति के पुरोधा बहुमुखी व्यक्ति की धनी और जनसंघ के संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा व संरक्षण के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष किया एकात्म मानववाद वाक्य के विचारों से उन्होंने देश पर एक प्रगतिशील विचारधारा देने का काम किया एक उत्कृष्ट संगठन कर्ता के रूप में दीनदयाल जी ने जो वैकल्पिक राजनीति की नींव रखी वह आज देश के गरीब वंचित व शोषित वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम कर रही है उनका जीवन सामाजिक समरसता व राष्ट्र भक्ति का अनुपम उदाहरण है अपने विचारों व कर्तव्यनिष्ठा से उन्होंने भारतीय राजनीति में अद्वितीय आदर्श स्थापित किए आज हमारे मार्गदर्शक व कर्मयोगी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करता हूं आपके विचार हमारे दिलों में युगो युगो तक जिंदा रहेंगे आपके सपनों का भारत के निर्माण के लिए हम संकल्पित हैं।
