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*आज का सुविचार*

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..24-09-2020*..🎋


✍🏻संस्‍कारों से बड़ी कोई वसीयत नहीं और र्ईमानदारी से बड़ी कोई विरासत नहीं।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

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ओमशान्ति*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻रास्ते पर गति की सीमा है बैंक में पैसों की सीमा है परीक्षा में समय की सीमा है परंतु हमारी सोच की कोई सीमा नहीं इसलिए सदा श्रेष्ठ सोचें और श्रेष्ठ पाएँ।

🌹 *ओमशान्ति.*🌹



जन्म पुनर्जन्म का सत्य रहस्य एवं भारत के उत्थान और पतन की अद्भुत कहानी जन्म पुनर्जन्म का सत्य रहस्य एवं भारत के उत्थान और पतन की अद्भुत कहानी सुनने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करे और इसे अवश्य सभी को Share करें ...  भारत के उत्थान और पतन की अद्भुत कहानी


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*((एक बोध कथा))*

*((कर्मो की दौलत))*


एक राजा था जिसने अपने राज्य में क्रूरता से बहुत सी दौलत इकट्ठा करके(एकतरह शाही खजाना)आबादी से बाहर जंगल में एक सुनसान स्थान पर बनाए तहखाने मे सारे खजाने को खुफिया तौर पर छुपा दिया था। खजाने की सिर्फ दो चाबियां थीं। एक चाबी राजा के पास और एक उसके एक खास मंत्री के पास थी। इन दोनों के अलावा किसी को भी उस खुफिया खजाने का राज मालूम ना था।


एक रोज़ किसी को बताए बगैर राजा अकेले अपने खजाने को देखने निकला। तहखाने का दरवाजा खोल कर अंदर दाखिल हो गया और अपने खजाने को देख-देख कर खुश हो रहा था  और खजाने की चमक से सुकून पा रहा था। उसी वक्त मंत्री भी उस इलाके से निकला और उसने देखा कि खजाने का दरवाजा खुला है वो हैरान हो गया और ख्याल किया कि कहीं कल रात जब मैं खजाना देखने आया तब शायद खजाने का दरवाजा खुला रह गया होगा। उसने जल्दी-जल्दी खजाने का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और वहां से चला गया। उधर खजाने को निहारने के बाद राजा जब संतुष्ट हुआ और दरवाजे के पास आया तो ये क्या! दरवाजा तो बाहर से बंद हो गया था। 


उसने जोर-जोर से दरवाजा पीटना शुरू किया पर वहां उनकी आवाज सुनने वाला उस जंगल में कोई ना था। राजा चिल्लाता रहा पर अफसोस कोई ना आया। वो थक हार कर खजाने को देखता रहा। अब राजा भूख और पानी की प्यास से बेहाल हो रहा था। पागलों सा हो गया। 


वो रेंगता-रेंगता हीरो के संदूक के पास गया और बोला, ए दुनिया के नायाब हीरो मुझे एक गिलास पानी दे दो फिर मोती सोने चांदी के पास गया और बोला, ए मोती चांदी सोने के खजाने! मुझे एक वक़्त का खाना दे दो। 


राजा को ऐसा लगा कग हीरे मोती उसे बोल रहे हों कि तेरे सारी ज़िन्दगी की कमाई तुझे एक गिलास पानी और एक समय का खाना नही दे सकती। राजा भूख से बेहोश हो कर गिर गया।


जब राजा को होश आया तो सारे मोती हीरे बिखेर कर दीवार के पास अपना बिस्तर बनाया और उस पर लेट गया। वो दुनिया को एक संदेश देना चाहता था लेकिन उसके पास कागज़ और कलम नही था। राजा ने पत्थर से अपनी उंगली फोड़ी और बहते हुए खून से दीवार पर कुछ लिख दिया। 


उधर मंत्री और पूरी सेना लापता राजा को ढूंढते रहे पर बहुत दिनों तक राजा ना मिला तो मंत्री राजा के खजाने को देखने आया। उसने देखा कि राजा हीरे जवाहरात के बिस्तर पर मरा पड़ा है  और उसकी लाश को कीड़े मकौड़े खा रहे थे।


राजा ने दीवार पर खून से लिखा हुआ था - ये सारी दौलत एक घूंट पानी ओर एक निवाला नही दे सकी।


*यही अंतिम सत्य है - अंतिम समय आपके साथ आपके सत्संग, सेवा, स्मरण की दोलत जाएगी। चाहे आप कितना भी हीरे, मोती, पैसा, सोना-चांदी इकट्ठा कर लो, सब यही रह जाएगा इसीलिए जो जीवन आपको प्रभु ने उपहार स्वरूप अच्छा जीवन  दिया है अच्छे कर्म करे भगवत सेवा करे प्रभू स्मरण करे ये अनमोल दौलत जो आपके सदैव मरनोपस्चात भी  जाएगी..!!*🌸GOOD morning 🌸

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