*सेना में पदस्थ सैनिक का सेवानिवृत होकर सरहद के कर्त्तव्य निभाकर पहुँचा घर,जिसका परिवार और ग्रामीणों ने भव्य किया स्वागत*
देश सेवा से घर लौटे जवान का भव्य स्वागत
अभिमन्यु नेताम,कुरुद
जिले के कुरूद ब्लाक के ग्राम कन्हारपुरी में रहने वाले चन्द्रहास सिन्हा जो आर्मी में सेना में पदस्थ थे.जिसका सेवा से निवृत होकर सरहद के कर्त्तव्य निभाकर घर पहुँचा जिसका परिवार और ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया
बता दे कि चन्द्रहास सिन्हा की नियुक्ति 22 सितंबर 2003 में बेंगलुरु में हुआ था.जो देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर थे.वह आज अपना घर वापस आये जो 17 वर्ष 9 दिन तक देश के लिए सेवा की और आज वह घर में अपने माता-पिता की सेवा करने के लिए वापस घर पहुंच गया! बेटा को देखकर माता-पिता फूले नहीं समाया वह खुशी से झूम पड़े और ग्रामवासियों एवं परिवारजनों ने बाजा-गाजा एवं पटाखों के साथ भव्य स्वागत किया गया!
चन्द्रहास सिन्हा बताते है कि बड़े भाई सब इंस्पेक्टर है, जिन्होंने फ़ोर्स में जाने मनोबल बढ़ाया जिसमे माता-पिता का भी विशेष योगदान रहा!
दरअसल 22 सितम्बर 2003 में ट्रेनिग के लिए बेंगलुरु गए जिसके बाद चन्द्रहास को ट्रांसपोर्ट ट्रेड की जिम्मेदारी मिली.जिसके माध्यम से गोला,बारूद,वेपेन के साथ साथ राशन ले जाने का कार्य करते रहे.वही पठानकोट में पदस्थ थे.उस समय बेस्ट सोल्जर अवार्ड मिला,2 साल अपनी सेवा करछम चाइना बॉर्डर में दिया जिसके बाद 17 वर्ष 9 माह तक देश सेवा करने के बाद सेवा निवृत्त हुए और घर पहुँचा अब उनका कहना है कि घर तो घर होता है बाहर रहना बहुत दिक्कत भरा होता है.अब मैं भी दूसरों की तरह घर मे परिवार के साथ रहूंगा पहले देश के लिए जीने की बात करते है.अब परिवार के लिए जीने की बात कहते है!

