आज का सुविचार
आज का चिन्तन(सुविचार)
गुरुवार, 15 अप्रैल 2021
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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠
🎋 *..15-04-2021*..🎋
जिंदगी एक आईने की तरह है,वो आपको देखकर तब मुस्करायेगी, जब आप उसे देखकर मुस्करायेगे
💐 *Brahma Kumaris* 💐
🌷 *σм ѕнαитι*🌷
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💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻किसी का भी वर्तमान देखकर उसका मजाक नहीं उड़ाना चाहिए, क्योंकि समय बदलता रहता है, समय के साथ कर्म बदलते रहते हैं, और कर्मों से भाग्य बदलता रहता है। समय में इतनी ताकत होती है कि वह किसी की भी किस्मत कभी भी पलट देता है।
🌹 *σм ѕнαитι.*🌹
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*🎄🌹꧁!! जीवन का सत्य !!꧂🌹🎄*
*इस विश्व-नाटक में महत्व ऊंचे-नीचे पार्ट का नहीं है, महत्व इसका है कि कोई भी आत्मा किस स्थिति में अपने पार्ट को सफलतापूर्वक बजाती है। जो आत्मा इस विश्व-नाटक की यथार्थता को, इसके विधि-विधान को समझकर अपने आत्मिक स्वरूप में स्थित होकर अपना पार्ट बजाती है, वह इसके परमानन्द को अवश्य अनुभव करती है और करेगी।*
*परमात्मा का वर्सा है, जिसका सर्व आत्माओं को समान अधिकार है अर्थात् उसमें राजा-प्रजा, दास-दासी आदि का कोई बन्धन नहीं है। अपने आत्मिक स्वरूप में स्थित होकर विश्व-नाटक की ये अनुभूति अर्थात् परमात्मा का वर्सा एक गरीब प्रजा वाला जितना कर सकता है, उतना उसके जैसा अनुभव एक राजा भी नहीं कर सकता है यदि वह अपने आत्मिक स्वरूप में स्थित नहीं है।*
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- शब्द
-सुने गये शब्द आसानी से नहीँ भूलते ।
-मैं इसे अवश्य करूंगा । इन शब्दो को उंचारित करते रहो ।
-आप जो चाहते हैं उसे पा लेंगे ।
-समस्याओ से हार मत मानें ।
-कभी अपने को भाग्यहीन मत मानो ।
- .कमजोरी की बातें सोचते रहोगे तॊ यह आदत बन जाएगी ।
-इस समय संसार दुखी इसलिए है़ क्योंकि ज्यादातर लोग कमजोरी की बातें ही सोचते रहते हैं ।
-यदि आप बाधाओं पर बिजय पाना चाहते हैं तॊ स्वंय के प्रति दिन दोहराते रहो मैं जो हूं उस से अधिक करूंगा ।
-मैं सदा परोपकार की भावना से ही कार्य करूगा ।
- शुरू में आप को लगेगा यह मूर्खता है़ । परंतु इस अभ्यास को नहीँ छोड़ना ।
-धीरे धीरे आप को लाभ होता हुआ दिखेगा ।
-अधिकतर कठिनाईयां मानसिक ही होती हैं ।
-अपने मन में ऐसे व्यक्ति का चित्र देखें जिस से आप प्रभावित हैं । मन में कहते रहें मुझे भी आप जैसा बनना है़ । धीरे धीरे आप उस जैसा बनते जाएंगे ।
-पुरानी आदत के कारण गलती होने पर व्यर्थ में सोच सोच कर समय मत गवाओ । जो संकल्प किया है़ उसे दोहराते रहें । वही आदत बन जाएगा ।
-किसी की निन्दा या प्रशंसा की प्रवाह न करते हुए, अपने काम में लगे रहें, लोगों की चिंता न करें, अपनी मदद आप को ही करनी है़ ।
- अच्छे शब्द सोचना और बोलना ही अपनी मदद है !
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💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻करेला कड़वा, बेर मीठे और इमली खट्टी, ये पानी के दोष नहीं, बीज का हैं, ठीक वैसे ही ईश्वर सबके लिए समान है, दोष तो सिर्फ कर्मो का हैं।
🌹 *σм ѕнαитι.*
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*15 अप्रैल:-*_ हाथ में हाथ मिलाना अर्थात विचार मिलाना, यही रास है।
🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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*ओम शांति* 🙏🏽
*जीवन होता बहुत सरल है,*
*इसे उलझाइये नहीं,*
*बैठिये, चाय पीजिये, जाइये नहीं*
*मुश्किलें आज हैं, कल नहीं होंगी,*
*ज़ख्म हैं तो मलहम लगाइये,*
*खुजाइये नहीं जो आज उसका है,*
*कल किसी और का होगा,*
*परिवर्तन चलता रहता है,*
*घबराइये नहीं, कोई कैसा भी हो,*
*आपकी ज़िंदगी का हिस्सा है,*
*याद करते रहिये, भुलाइये नहीं*
*आकाश की तरह सबसे दोस्ती रखिये,*
*पर दिल हर किसी से लगाइये नहीं*
*आप खुश हो, अच्छी बात है,*
*आपकी वजह से कोई खुश है*
*ये सबसे अच्छी बात है*
🌺 *ॐ शांति* 🌺
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♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️
*👉🏿हर जगह भगवान मिलेंगे➖*🏵️
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*एक व्यक्ति बहुत नास्तिक था... उसको भगवान पर विश्वास नहीं था...एक बार उसके साथ दुर्घटना घटित हुई.. वो रोड पर पड़ा पड़ा सब की ओर कातर निगाहों से मदद के लिए देख रहा था,पर कलियुग का इंसान - किसी इंसान की मदद जल्दी नहीं करता,मालूम नहीं क्यों, वो यही सोच कर थक गया... तभी उसके नास्तिक मन ने अनमने मन से प्रभु को गुहार लगाई...उसी समय एक ठेलेवाला वहां से गुजरा उसने उसको गोद में उठाया और चिकित्सा हेतु ले गया उसने उनके परिवार वालो को फ़ोन किया और अस्पताल बुलाया सभी आये उस व्यक्ति को बहुत धन्यवाद दिया...और उसके घर का पता भी लिखवा लिया जब यह ठीक हो जायेगा तो आप से मिलने आयेंगे !*
*वो सज्जन सही हो गए... कुछ दिन बाद वो अपने परिवार के साथ उस व्यक्ति से मिलने का इरादा बनाते है और निकल पड़ते है मिलने |वो बाँके बिहारी का नाम पूछते हुए उस पते पर जाते है उनको वहा पर प्रभु का मंदिर मिलता है, वो अचंभित से उस भवन को देखते है, और उसके अन्दर चले जाते है !*
*तभी भी वहा पर पुजारी से नाम लेकर पूछते है की यह बाँके बिहारी कहा मिलेगा -पुजारी हाथ जोड़ मूर्ति की ओर इशारा कर के कहता है की यहाँ यही एक बाँके बिहारी है !*
*खैर वो मंदिर से लौटने लगते है तो उनकी निगाह एक बोर्ड पर पड़ती है उसमे एक वाक्य लिखा दिखता है - कि*
*इंसान ही इंसान के काम आता है, उस से प्रेम करते रहो मै तो तुम्हे स्वयं मिल जाऊंगा...*
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