आज का सुविचार
आज का चिंतन(सुविचार)
शनिवार, 10 अप्रैल 2021
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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠
🎋 *..10-04-2021*..🎋
✍🏻✍🏻कहते हैं कि मृत्यु के ठीक पहले मनुष्य को वो सब कर्म दिखते हैं जो उसने जीवन भर किये। तो कर्म कुछ ऐसे करो कि जिसे देखते समय चेहरे पर सुकून हो ना कि डर।
💐 *Brahma Kumaris* 💐
🌷 *σм ѕнαитι*🌷
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💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻जब मन खराब हो तब बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि खराब मन को बदलने के मौके बहुत मिल जायेंगे लेकिन शब्दों को बदलने के मौके फिर नहीं मिलेंगे।
🌹 *σм ѕнαитι.*🌹
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*10 अप्रैल:-*_ हमारा सबसे अच्छा मित्र वही है, जो हमारी कमजोरियों को जानते भी हमारे अंदर छिपी अच्छाईयो को ही देखता है ।
🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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जीवन कठिन तब लगता है जब हम स्वयं में बदलाव करने के बजाय परिस्थितियों को बदलने को प्रयास करते हैं l
प्रभु हमारा रक्षण भी करते हैं, पोषण भी करते हैं और जतन भी करते हैं। जैसे एक माँ अपने बालक का जतन करती है। चाहे वह घर के काम कर रही हो, घर की प्रवृत्ति हो लेकिन उसकी दृष्टि उसका ध्यान छोटे से बालक में होता है कि कहीं वह आगे न निकल जाये।
कहीं उसे कुछ लग न जाय, कहीं उस बालक को चोट न लग जाय, हजारों काम मे लगी हुई माँ भी अपने बालक का जतन करती है वैसे बाबा भी अपने जीवों का जतन करते हैं।
चाहे कितने भी दूर हम क्यों न हो लेकिन बाबा की दृष्टि अपने जीवों पर रहती है और जब भी समय आवे तो रोकते भी हैं और टोकते भी हैं। कह दिया जतन भी बाबा करें और जैसे हैं वैसे हमको निभावें।
ॐ शांति
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ओम शांति
*धनी बनने, धनियो का सा खर्चीला जीवन बिताने और धनियो के गिरोह में बैठने उठने की लालसा में ही असल में तुम्हें दुखी बना रखा है,,, नहीं तो रोटी मिलती ही है,, कपड़े तन ढकने को मिलते ही हैं,,, सोने बैठने को जमीन है ही,,, फिर क्या चाहिए,,,,?*
*धनी लोग क्या धन होने के कारण, आध -पाव अन्न के बदले दो-चार सेर खाते हैं,,,? क्या बे साढे तीन हाथ की जगह दस बीस हाथ जमीन पर सोते हैं,,,,? क्या वे रुपयों की गठरी लादे साथ लिए फिरते हैं,,,,? खाते पीते उतना ही हैं , सोते उतनी सी जमीन पर ही हैं,,, शरीर भी उनके रुपयो से लदे नहीं होते,,,*
*फिर तुम्हारी उनकी स्थिति में क्या अंतर है ? हां इतना अवश्य है, उनमें धन का अभिमान है,,, अपने से बड़े धनीयों से ईर्ष्या है,,, ----और तुम्हें धन के अभाव का विषाद है,,, और तुम अपने को दुखी मानते हो,,,, दुखी तो वे भी है,,,, क्योंकि वे भी अपनी स्थिति से संतुष्ट नहीं है,,,,*
*भाई यह मोह छोड़ दो, स्मरण करके जीवन को सार्थक करो,,, मोटा खाना,, मोटा पहनना,, गरीबी से रहना,, संतोष हो तो महान सुखकर है,,,, और भगवान की प्राप्ति में बड़ा ही सहायक है,,,,*
*भगवान के लिए बड़े-बड़े राजाओं ने संन्यास लिया था,,, तुम पर तो भगवान के सिमरन से तुम्हारे विषय भोग अपने आप ही कम हो गए,,,*
*जीवन निर्वाह की चिंता विशंभर भगवान पर छोड़ दो,,, जितना बने--- निर्दोष कर्म करते रहो,,,, जीवन निर्वाह हो ही जाएगा,,,,,*
*घबराओ नहीं,,,,, भगवान पर भरोसा रखने वाले कभी इसकी चिंता नहीं करते,,,, वह तो भगवत चिंतन ही करते हैं,,,,*
*उस सुख की अपेक्षा न करो जो भगवान को भुला दे,,,, और दुख का स्वागत करो,,, जो भगवान का स्मरण कराए,,,,*
ॐ शांति
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अनमोल वचन :
किसी ने भगवान से पूछा, 'शांति चाहिए, इसके लिए मैं क्या करूं ? जवाब मिला, 'कुछ मत करो, बल्कि जो कर रहे हो उसे बंद कर दो,शांति आ जाएगी।बतौर उदाहरण आप झूले पर झूल रहे हो और पैर से टेका लगाना बंद कर दो,झूला अपने आप थम जाएगा। शांतिमय जीवन के लिए जरूरी है कि व्यक्ति हर हाल में मस्त रहने की कला सीख ले।जो नहीं मिला, उसके लिए मुझ से शिकायत मत करो कि तूने मुझे औरों से कम दिया है, बल्कि इस बात के लिए उसे धन्यवाद दो कि तुमने मुझे तेरी काबलियत से भी अधिक दिया है। अगर तुम इस बात को मान लो तो पचास फीसदी दुःख आज ही खत्म हो जाएँ........
🙏ओम् शांति🙏
🎈आपका दिन शुभ हो🎈
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♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️
👉 परमेश्वर की गोद 🏵️
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_💙एक व्यक्ति बहुत नास्तिक था... उसको भगवान पर विश्वास नहीं था...एक बार उसके साथ दुर्घटना घटित हुई.. वो रोड पर पड़ा पड़ा सब की ओर कातर निगाहों से मदद के लिए देख रहा था,पर कलियुग का इंसान - किसी इंसान की मदद जल्दी नहीं करता,मालूम नहीं क्यों, वो यही सोच कर थक गया... तभी उसके नास्तिक मन ने अनमने मन से प्रभु को गुहार लगाई...उसी समय एक ठेलेवाला वहां से गुजरा उसने उसको गोद में उठाया और चिकित्सा हेतु ले गया उसने उनके परिवार वालो को फ़ोन किया और अस्पताल बुलाया सभी आये उस व्यक्ति को बहुत धन्यवाद दिया...और उसके घर का पता भी लिखवा लिया जब यह ठीक हो जायेगा तो आप से मिलने आयेंगे !_
_▪️वो सज्जन सही हो गए... कुछ दिन बाद वो अपने परिवार के साथ उस व्यक्ति से मिलने का इरादा बनाते है और निकल पड़ते है मिलने |वो बाँके बिहारी का नाम पूछते हुए उस पते पर जाते है उनको वहा पर प्रभु का मंदिर मिलता है, वो अचंभित से उस भवन को देखते है, और उसके अन्दर चले जाते है ! तभी भी वहा पर पुजारी से नाम लेकर पूछते है की यह बाँके बिहारी कहा मिलेगा -पुजारी हाथ जोड़ मूर्ति की ओर इशारा कर के कहता है की यहाँ यही एक बाँके बिहारी है ! खैर वो मंदिर से लौटने लगते है तो उनकी निगाह एक बोर्ड पर पड़ती है उसमे एक वाक्य लिखा दिखता है - कि इंसान ही इंसान के काम आता है, उस से प्रेम करते रहो मै तो तुम्हे स्वयं मिल जाऊंगा..._
*♦️🔅ओम शान्ति 🔅♦️*
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