सरकार के रोका छेका मुहिम के तहत निर्माण गोधन न्याय अंतर्गत गौठान निर्माण लाखो का फिर भी गाय सड़को में आखिर क्यों...???
सरकार के रोका छेका मुहिम के तहत निर्माण गोधन न्याय अंतर्गत गौठान निर्माण लाखो का फिर भी गाय सड़को में आखिर क्यों...???
रायपुर
राज्य सरकार द्वारा किसानों की हक की बाते तो करते आये है साथ ही किसानों की हितों को ध्यान में रखते विभिन्न योजनाये शुरू भी किये गए है । उसी में एक योजना रोका छेका हैं जिसके तहत गांव-गांव में गौठान निर्माण किया गया है। पर सरकार की यह महत्वकांक्षी योजना को जिम्मेदार अधिकारी औऱ जनप्रतिनिधियों द्वारा सरकार के कार्यो को किस तरह पानी फेरने में लगे है..???
आपको बता दे कि गौठान निर्माण के लिये लाखो रुपये की स्वीकृति निर्माण के साथ साथ गायो के उचित देखभाल व चारे की व्यवस्था के लिये किये गए है। पर नाम मात्र ही दिखावे मात्र ही गायो को निर्माण गौठान में रखे जाते है बाकी सड़को में देखे जा सकते है।
वही इसकी जिम्मेदारी सम्वन्धित जनपद कार्यालय के सीईओ और मनरेगा शाखा के अधिकारी के साथ साथ ग्राम पंचायत के सरपंच का रहता है। पर जिम्मेदार अधिकारियों के साथ साथ उदासीनता पंचायत प्रतिनिधियों की भी देखी जा सकतीहै। साथ ही आपस मे मिलकर गौठान निर्माण ग्राम पंचायतों में अधिकारियों की आपसी साठगांठ से लाखों का फर्जी बिल लगाकर सरकार के मंसूबो में पानी फेरने में जिम्मेदार अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जा रहा है। और सरकार के योजनाओं को ये जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भ्रस्टाचार की श्रेणी में लाने में कोई कदर नही छोड़ा है।
वही लाखो के गौठान निर्माण के बाद भी गाये सड़को में आखिर क्यों...???
अक्सर देखा गया है । जिन ग्राम पंचायतों में सरकार द्वारा गौठान निर्माण किया गया है वहा चौबीसों घण्टे गाये सड़को पर बैठे रहते है जिसे हटाने व गौठान में ले जाने पंचायत के जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई कार्य आखिर क्यों नही किया जाता...?????
वही सम्बंधित जनपद कार्यालय के सीईओ व मनरेगा शाखा के अधिकारी द्वारा निर्माण गौठानो में आखिर निरीक्षण क्यो नही करते.....??????
जबकि लाखो की लागत से निर्माण किये गयेहै यह गौठान...???
आपको बता दे कि जहां जहां गौठान निर्माण किये गए है वहा जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत जनप्रतिनिधियों द्वारा लाखो का फर्जी बिल लगाकर सरकार के खजाने को चुना लगाने में कोई कसर नही छोड़ा है।
वही अभनपुर जनपद कार्यालय क्षेत्र के गौठान निर्माण किये गए ग्रामो पर एक नजर डालते है जहाँ गौठान निर्माण करने के बाद भी गाये सड़को पर बैठे रहते है और राहगीरों के लिये जान जोखिम भरा होता है......
ग्राम पंचायत सुन्दरकेरा जो कि क्षेत्र का आदर्श गौठान के नाम से जाना जाता है और ये हाल....
सड़को पर गाये राहगीरों के लिये मुशीबत
ग्राम पंचायत थनौद में बने लाखो के गौठान फिर भी सड़को में कब्जा जमाए बैठे गाये...ये हाल उदासीन ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधियों की
विधानसभा का बेहतर गौठान ग्राम पंचायत नवागांव(लखना)और यह हाल...
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ग्राम पारागांव में अक्सर देखा जा सकता है यह नजारा
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नगरपालिका गोबरा नवापारा में राहगीरों के लिये मुशीबत ....अधिकारी उदासीन
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इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह सरकार के कार्यो को जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा योजनाओ को ग्राम स्तर पर चला रहे...?



















