*जमीनी हकीकत--गौठानो में सन्नाटा सड़कों पर दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहा गौधन,मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगा रहे स्वार्थी*
*जमीनी हकीकत--गौठानो में सन्नाटा सड़कों पर दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहा गौधन,मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगा रहे स्वार्थी*
सुरेन्द्र जैन/धरसीवां
प्रदेश के किसान मुख्यमंत्री जहां एक ओर प्रदेश को देश ही नही बल्कि दुनियाभर में एक मॉडल के रूप में पेश करने एक से बढ़कर एक बेहतरीन योजना बना रहे हैं वही दूसरी ओर जमीनी स्तर पर स्वार्थी उन योजनाओं का एक तरह से मख़ौल उड़ा रहे हैं तभी तो जिन गांवों में गौठानो का निर्माण हो चुका है उन गांवो में भी गायों के झुंड सडको पर नजर आ रहे और सड़क हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं ।
*गौठान में सन्नाटा गाये सडको पर*
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से ओर विधानसभा भवन से लगभग दस किलो मीटर की दूरी पर स्थित धरसीवां की ग्राम पंचायत धनेली में गौठान निर्माण हुए काफी समय बीत चुका है शुरू शुरू में गौठान में गरुआ मतलब गौमाता को बड़ी संख्या में रखा भी गया था जिससे सडको पर रोज रोज की दुर्घटनाएं थम गई थी लेकिन अब हालात विपरीत हैं यहां गौठान में एक भी गाय दिखाई नही दी वहां सन्नाटा पसरा था और गायों के झुंड विधानसभा मार्ग रायपुर मार्ग बिलासपुर मार्ग आदि मार्गो व चौक चौराहों पर बैठे हुए दिखाई दिए
ग्रामीणों के मुताबिक सडक पर हाइवे पर जहां तहां गायों के झंड के झुंड दिन रात चौबीसों घण्टे बैठे रहते हैं इससे अक्सर दुपहिया चालक रात के समय दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं।
*बजरंग दल के गौसेवक करते हैं अंतिम संस्कार*
धनेली सांकरा के बजरंग दल से जुड़े गौसेवक कार्यकर्ता आये दिन सड़क हादसों में प्राण गंवाने वाली गौमाता के शवों का विधिवत अंतिम संस्कार कराते हैं उनका कहना है कि गाय हमारी पूज्य माता है और इस तरह सड़को पर उनकी आये दिन दर्दनाक मौतें होना दुखद है उन्होंने ग्राम पंचायत से भी मांग की है कि जल्द से जल्द समुचित व्यवस्था कर गायों को गौठान में रखा जाए।
*गौठान में सन्नाटा*
धनेली में गौठान का निर्माण हो चुका है लेकिन वहां सन्नाटा देखने को मिला और गायें सडको पर दिखी।
*योजनाएं बना सकती हैं सीजी को धरती का स्वर्ग*
प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कृषि और पशुधन गौधन को लेकर जो भी योजनाएं अब तक बनी हैं यदि जमीनी स्तर पर तन्त्र में बैठे अधिकारी कर्मचारी व स्थानीय जिम्मेदार जनप्रतिनिधि पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ उन्हें सफल बनाने में लग जाएं तो यह ऐंसी योजनाएं हैं जो छत्तीसगढ़ को धरती का वास्तविक स्वर्ग बना सकती हैं चारों तरफ खुशहाली ओर आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल बन सकती हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तमाम योजनाएं एक तरह से हमारे भारतवर्ष के तपस्वी ऋषि मुनियों के मन माफिक योजनाएं हैं क्योकि हमारे देश के तपस्वी ऋषि मुनि भी यही चाहते हैं कि हम प्राचीन भारत मे लोट चलें जहां गौधन हो पशुधन हो उनकी सेवा हो उनके गोबर खाद से हमारी जमीनों की उर्बरा शक्ति बढ़े स्वास्थ्य के लिए लाभदायक अनाज की पैदावार हो जो रासायनिक खादों से संभव नही है
यहां नरवा गरवा घुरुआ बारी योजना और गौधन न्याय योजनाएं खासकर ऐंसी योजनाएं हैं जिनसे ग्रामीण गौपालन कर गोबर बेचकर जहां आत्म निर्भर बन सकता है तो वहीं उस गोबर के बने खाद का उपयोग कर किसान कम लागत में बेहतरीन अनाज उत्पादन कर सकता है कुल मिलाकर योजना हर तरह से देशोन्नति में कारगर साबित होगी जरूरत बस इतनी है कि जमीनी स्तर पर योजना पूरी निष्ठा और ईमानदारी से सफल हो
*क्या कहते हैं जनपद सीईओ*
इस संबन्ध में जनपद सीईओ बीरेंद्र जायसवाल का कहना है कि सरकार के निर्देश है कि जहां गौठान बन चुकी हैं वहां समितियां रोका छेंकी का काम देखेंगी धनेली में क्या कारण है कि गायें सडको पर घूम रहे हैं इसके बारे में वह जानकारी लेंगे।











