आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..08-07-2021*..🎋


✍🏻जब तक आप पहले अपने आप से खुश नहीं होते है, तब तक कोई भी आपको खुश नहीं कर सकता है।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷


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*अकेली सुई की फितरत" सिर्फ चुभने की होती है,मगर धागे का साथ मिलते ही उसकी फितरत बदल कर एक दूसरे को मिलाने की हो जाती है।*

*अच्छी संगत से,सहयोग मिलेगा*


good👆🏻💫🇲🇰🌅🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♂️morning😊

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻जिंदगी परिवर्तनों से ही बनी है, किसी भी परिवर्तन से घबराएं नहीं, बल्कि उसे स्वीकार करे! कुछ परिवर्तन आपको सफलता दिलाएंगे, तो कुछ सफल होने के गुण सिखाएंगें।

🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

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*कभी-कभी आप*
*बिना कुछ गलत किये भी*
*बुरे बन जाते हैं ,* 

*क्योंकि*

*जैसा लोग चाहते थे,*
*आप वैसा नहीं करते...*

*सुप्रभात*
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
*"शब्द भी एक तरह का 'भोजन' है"*

*किस समय कौन सा 'शब्द' परोसना है,*

        *वो आ जाये तो.* 

          *दुनियां में उससे बढ़िया*

          *रसोइया कोई नहीं है!!!*

  *'शब्द' का भी अपना एक 'स्वाद' है,*

  *बोलने से पहले स्वयं 'चख' लीजिये...*

  *अगर खुद को 'अच्छा' नहीं लगे तो,*

    *दूसरों को कैसे' अच्छा' लगेगा!!!*
        ॐ शांति
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*08 जुलाई:-*_ मन को आर्डर दे के व्यर्थ न सोचे और और एक सेकंड में व्यर्थ संकल्प बन्ध हो जाए यही है स्व: पर रजाई करना।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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*❂ योगी अपने विचार बिना ऊचारण किये दूसरो तक भेज सकता है। ❂*

_✦ आगे समय ऐसा आने वाला है जो हम अपने संदेश मन द्वारा ही भेजेगे। चींटियां बहुत दूर से एक दूसरे से बात कर लेती है। कुत्ते, बिल्लीया घर से दूर छोड़े जाने पर वापिस आ जाते है।_

_✦ हर स्थान, हर व्यक्ति, हर वस्तु से सूक्ष्म तरंगे निकलती रहती है। पक्षी इन्ही तरंगों को पकड़ कर सही जगह पहुँच जाते है।_

_✦ शहद की मक्खी शहद इकट्ठा करने बहुत दुर चली जाती है, किंतु पर्वत, नदिया अनेक स्थानों के ऊपर हो कर मानसिक शक्ति से अपने छत्ते तक पहुँच जाती है। मनुष्य की मानसिक शक्ति इन सब से बहुत शक्तिशाली होती है।_

_✦ विचारो में वह शक्ति है जो हजारो मील दूर मनुष्य पर असर करती है। हजारो मील दूर की आवाजे ऐसे सुन सकते है जैसे हमारे पास कोई बोल रहा हो। हम सभी थोड़े बहुत विचार भेजते है और प्राप्त करते है।_

_✦ किसी को स्मरण करते ही व्यक्ति घर आ जाता है या उसी समय उस का फोन आ जाता है। हम कह उठते है हम आप को याद ही कर रहे थे।_

_✦ आने वाला व्यक्ति आते आते अपने मस्तिष्क द्वारा विचार तरंगे भेज रहा है। ये तरंगे आकाश में व्याप्त ईथर में हो कर हमारे मस्तिष्क में आ जाती है। हमारा मन उन तरंगों को ग्रहण कर लेता है । मस्तिष्क में आ कर तरंगे पुन्य शव्दो में बदल जाती है।_

_✦ जिस व्यक्ति को संदेश देना चाहते है वह चाहे कहीं भी हो उस की शक्ल को कल्पना में अपने सामने देखो और उस से बात करो, आप के विचार उस तक पहुँच रहे है। ये विचार बहुत सूक्ष्म होते है। वह सही शव्दो में नही समझेगा परंतु उसको अच्छा व बुरा महसूस होगा जैसा आप का भाव था। वह वैसा ही रिअकट करेगा।_ 

_✦ अगर दोनो तरफ़ सूक्ष्म व शुद्ध और शक्तिशाली मन है तो हम शब्द भी पकड़ सकते है। इसलिये सदा शुध्द ही सोचो। आप जो चाहते है वह सोचो। उसके वर्तमान के अवगुणों पर ध्यान न दे।_

_✦ अगर ऐसा व्यक्ति आपके आसपास है तो भी मुख से कम बोलो उसके साथ मन से सकून भरी बातें करो। उसे भी सकून मिलेगा।_

_✦ याद रखो विजय शुध्द विचार की ही होगी चाहे कितनी देर लग जाये। जैसे आग चाहे कितनी तेज हो और उस पर बूँद बूँद पानी डाले तो विजय पानी की ही होगी आग को बूझना ही होगा। ऐसा अपना विचार दृढ़ रखे।_

_✦ याद रहे व्यक्ति सिर्फ प्यार से बदलता है। बड़े बड़े तानाशाह जोर से, दबाव से, मानव को नही बदल सके, एक सधारण मनुष्य की औकात ही क्या है। इस लिये चेक करो आप के विचारो में उसके प्रति प्यार है या नही जिसे आप संदेश दे रहे है।_

_✦ सर्व शक्तिवान बाप भी हमे प्यार से ही बदल रहा है। उनके महावाक्यों में कितनी निर्मानता है। जिसे हम बदलना चाहते है, उनके प्रति संदेश देने वाले हमारे विचारो में कोमलता व निरमानता हो । मरोड़, धौंस व नाराजगी या नफरत न हो नही तो ये और बढ़ जायेगी।_

_✦ जो लोग हमारे आस पास है उन पर प्रयोग करो। नई खोज करो। विश्व को इस की जरूरत है। अपना समय सूक्ष्म सेवा में ज्यादा लगाओ। सूक्ष्म बल में निपुण बनो। जो कहते हो बोलते हो वह सब मन से करो तब सब कुछ ठीक हो जायेगा।_

_✦ सदा याद रखो मैं दाता आत्मा हूँ। यह भाव सब को बदल देगा।_

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               *☀️◆ ओम शान्ति ◆☀️*

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      ओम शांति
*परिवार के साथ "धैर्य"*

                *"प्यार" कहलाता है,*

*औरों के साथ "धैर्य"*  

                *"सम्मान" कहलाता है।*

*स्वयं के साथ "धैर्य"* 

      *"आत्मविश्वास" कहलाता है,*

                *और*

*भगवान के साथ "धैर्य"* 

            *"आस्था" कहलाती है!*

*ओम शांति* 
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🙏 *ॐ शांति* 🙏

भगवान नहीं दिखता, अनुभव नहीं होता... इसका अर्थ है अभी मन में *व्यर्थ* और *नकारात्मक* संकल्पो  का बोझ बहुत है। इसलिये ज्ञान मनन-चिंतन से सकारात्मकता बढ़ाते जाएं। इससे *भगवान* को अपने तीसरे *नेत्र* से देखना *आसान* हो जाता है, क्योंकि सकारात्मकता ही प्रत्यक्षीकरण क्षमता को बढ़ाती है।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐


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       ·٠•●♥ *प्रेरणादायक कहानी*♥●•٠·


             ◦•●◉✿ *"सच्चा दान*" ✿◉●•◦ 


 _◆ बीरबल बहुत नेक दिल इंसान थे। वह सैदव दान करते रहते थे और इतना ही नहीं, बादशाह 🤴 से मिलने वाले इनाम को भी ज्यादातर गरीबों और दीन-दुःखियों में बांट देते थे, परन्तु इसके बावजूद भी उनके पास धन की कोई कमी न थी।_ 


_◆ दान देने के साथ-साथ बीरबल इस बात से भी चौकन्ने 🧐 रहते थे, कि कपटी व्यक्ति उन्हें अपनी दीनता दिखाकर ठग न लें।_ 


_◆ ऐसे ही अकबर 🤴 बादशाह ने दरबारियों के साथ मिलकर एक योजना बनाई कि देखें कि सच्चे दीन दुःखियों की पहचान बीरबल को हो पाती है या नहीं।_


_◆ बादशाह ने अपने एक 💂‍♀ सैनिक को वेश बदलवाकर दीन-हीन अवस्था में बीरबल के पास भेजा कि अगर वह आर्थिक सहायता के रूप में बीरबल से कुछ ले आएगा, तो अकबर की ओर से उसे इनाम मिलेगा।_ 


_◆ एक दिन जब बीरबल पूजा-पाठ करके मंदिर से आ रहे थे तो भेष बदले हुए💂‍♀ सैनिक ने बीरबल के सामने आकर कहा, "हुजूर दीवान! मैं और मेरे आठ छोटे बच्चे हैं, जो आठ दिनों से भूखे हैं....भगवान का कहना है कि भूखों को खाना खिलाना बहुत पुण्य का कार्य है, मुझे आशा है कि आप मुझे कुछ दान देकर अवश्य ही पुण्य कमाएंगे।"_ 


_◆ बीरबल ने उस आदमी को सिर से पांव 🧟‍♂ तक देखा और एक क्षण में ही पहचान लिया कि वह ऐसा नहीं है, जैसा वह दिखावा कर रहा है।_ 


_◆ बीरबल मन ही मन मुस्कराए और बिना कुछ बोले ही उस रास्ते पर चल पडे़ जहां से होकर एक 🌊 नदी पार करनी पड़ती थी।_ 


_◆ वह व्यक्ति भी बीरबल के पीछे-पीछे चलता रहा। बीरबल ने नदी पार करने के लिए जूती 🥿 उतारकर हाथ में ले ली। उस व्यक्ति ने भी अपने पैर की फटी पुरानी जूती हाथ में लेने का प्रयास किया।_ 


_◆ बीरबल नदी पार कर कंकरीले मार्ग आते ही दो-चार कदम चलने के बाद ही जूती 👠 पहन लेता। बीरबल यह बात भी गौर कर चुके थे कि नदी पार करते समय उसका पैर धुलने के कारण वह व्यक्ति और भी साफ-सुथरा, चिकना, मुलायम गोरी चमड़ी का दिखने लगा था, इसलिए वह मुलायम पैरों से कंकरीले मार्ग पर नहीं चल सकता था।_ 


_◆ "दीवानजी! दीन ट्टहीन की पुकार आपने सुनी नहीं?" पीछे आ रहे व्यक्ति ने कहा। 🗣_ 


_◆ बीरबल बोले, "जो मुझे पापी बनाए मैं उसकी पुकार कैसे सुन सकता हूँ?" 🗣_ 


_◆ "क्या कहा? क्या आप मेरी सहायता करके पापी बन जांएगे?" 🙏🏻_ 


_◆ "हां, वह इसलिए कि शास्त्रों में लिखा है कि बच्चे का जन्म होने से पहले ही भगवान उसके भोजन 🍲 का प्रबन्ध करते हुए उसकी मां के स्तनों में दूध दे देता है, उसके लिए भोजन की व्यवस्था भी कर देता है।_


_◆ यह भी कहा जाता है कि भगवान इन्सान को भूखा उठाता है, पर भूखा 😴 सुलाता नहीं है। इन सब बातों के बाद भी तुम अपने आपको आठ दिन से भूखा कह रहे हो।_ 


_◆ इन सब स्थितियों को देखते हुए यहीं समझना चाहिये कि भगवान तुमसे रूष्ट हैं और वह तुम्हें और तुम्हारे परिवार 👨‍👩‍👧‍👦 को भूखा रखना चाहते हैं, लेकिन मैं उसका सेवक हूँ, अगर मैं तुम्हारा पेट भर दूं, तो ईश्वर मुझ पर रूष्ट होगा ही।_ 


_◆ मैं ☝ ईश्वर के विरुद्ध नहीं जा सकता, ना बाबा ना! मैं तुम्हें भोजन नहीं करा सकता, क्योंकि यह सब कोई पापी ही कर सकता है।"_ 


_◆ बीरबल का यह जबाब सुनकर वह चला गया।_ 


_◆ उसने इस बात की बादशाह और दरबारियों को सूचना दी।_


_◆ बादशाह 🤴 अब यह समझ गए कि बीरबल ने उसकी चालाकी पकड़ ली है।_ 


_◆ अगले दिन 🤴 बादशाह ने बीरबल से पूछा, "बीरबल तुम्हारे धर्म-कर्म की बड़ी चर्चा है, पर तुमने कल एक भूखे को निराश 😔 ही लौटा दिया, क्यों?"_ 


_◆ "आलमपनाह! मैंने किसी भूखे को नहीं, बल्कि एक ढोंगी 🧟‍♂ को लौटा दिया था और मैं यह बात भी जान गया हूँ, कि वह ढोंगी आपके कहने पर मुझे बेवकूफ बनाने आया था।"_


_◆ अकबर ने कहा, "बीरबल! तुमनें कैसे जाना कि यह वाकई भूखा न होकर, ढोंगी है?" 🧟‍♂_ 


_◆ "उसके पैरों और पैरों की चप्पल देखकर। यह सच है कि उसने अच्छा भेष बनाया था, मगर उसके पैरों की चप्पल 👡 कीमती थी।"_ 


_◆ बीरबल ने आगे कहा, "माना कि चप्पल 🥿 उसे भीख में मिल सकती थी, पर उसके कोमल, मुलायम पैर तो भीख में नहीं मिले थे, इसलिए कंकड क़ी गड़न सहन न कर सके।"_


_◆ इतना कहकर बीरबल ने बताया कि किस प्रकार उसने उस मनुष्य की परीक्षा लेकर जान लिया कि उसे नंगे पैर चलने की भी आदत नहीं, वह दरिद्र नहीं बल्कि किसी अच्छे कुल का खाता कमाता पुरूष है।"💂🏻‍♀️_ 


_◆ बादशाह 🤴 बोले, "क्यों न हो, वह मेरा खास सैनिक 💂‍♀ है।" फिर बहुत प्रसन्न 😃 होकर बोले, "सचमुच बीरबल! माबदौलत तुमसे बहुत खुश हुए! तुम्हें धोखा देना आसान काम नहीं है।"_


_✍ *शिक्षा-* दान सदैव  सोच समझ कर करना चाहिए।_


_🇲🇰 *परमात्मा शिव कहते हैं-* बिना सोचे समझे किया हुआ दान पाप कर्म को बढ़ाता है। अतः बिना विचारे दान नहीं करना चाहिए।_


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                *🔰★ ओम शान्ति ★🔰*


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