कांग्रेस विधायक के कार्यालयीन गांव में महज नौ घण्टे से बिजली नही
कांग्रेस विधायक के कार्यालयीन गांव में महज नौ घण्टे से बिजली नही
सर्वाधिकअघोषित बिजली कटौती के रूप में प्रसिद्ध हो रहा सांकरा
सुरेन्द्र जैन/ धरसीवां
बेंसे तो छत्तीसगढ़ को पावर प्लस प्रदेश कहा जाता है लेकिन ग्रामीण अंचलों में अविभाजित मध्यप्रदेश के समय जैंसी अघोषित बिजली कटौती बीते कुछ सालों से बदस्तूर जारी है खासकर राजधानी रायपुर के आसपास तो हाल बेहाल रहते हैं राजधानी से लगे धरसीवां विधानसभा क्षेत्र में तो हालात ये हैं कि कांग्रेस विधायक के कार्यालयीन गांव में तो कभी कभी दिन दिन भर बिजली नहीं रहती कभी पूरे गांव में तो कभी आधे गांव में बिजली आपूर्ति अक्सर ठप्प पडी रहती है।
जानकारी के मुताबिक हमेशा की तरह मंगलबार को भी सुबह लगभग 8 बजे से विधायक के कार्यालयीन गांव सांकरा की बिजली आपूर्ति ठप्प है ग्रामीणो ने सोचा रोज रोज तो जाती है आ जायेगी घण्टे दो घण्टे में लेकिन जब दोपहर दो बजे तक बिजली नहीं आई तो सिलतरा सबस्टेशन संर्पक किया गया सबस्टेशन से जबाब मिला वहां से सप्लाई चालू है बाद में पता चला कि आधे गांव में बिजली है आधे गांव में आपूर्ति ठप्प है इसके बाद भी जब तीन बजे तक बिजली नही आई तब एई से संपर्क किया एई सिलतरा ने बताया वह अस्वस्थ्य होने के कारण छुट्टी पर है तन ईई से सपर्क किया उन्होंने बताया कि वह पता कर जल्द सप्लाई शुरू करने बोलते हैं लेकिन इसके बाद भी शाम पौने 5 बजे तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई।
कांग्रेस की सरकार रहते कांग्रेस विधायक के कार्यालयीन गांव में ही आख़िर बिजली की इतनी अव्यवस्था ग्रामीणों की समझ से परे है।