नवापारा नगर में हुई शांति समिति की बैठक,विभिन्न कार्यक्रमो सम्बधित हुई चर्चा
नवापारा नगर में हुई शांति समिति की बैठक,विभिन्न कार्यक्रमो सम्बधित हुई चर्चा
गोबरा नवापारा नगर
गोबरा नवापारा थाना में नगर शांति समिति की बैठक आहूत की गई . यह बैठक 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती व भगवान महावीर स्वामी की जयंती और 16 अप्रैल को भगवान हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में संबंधित पक्षों द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्रा के अलावा मुस्लिम समाज के वर्तमान में चल रहे पवित्र रमजान माह के मद्देनजर बुलाई गई थी . बैठक में सीएसपी नवा रायपुर जितेंद्र चंद्राकर और गोबरा नवापारा थाना प्रभारी बोधन साहू ने उपस्थित संबंधित पक्षों से सभी पक्षों के कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाएं, इस संबंध में गंभीरतापूर्वक चर्चा करते हुए सभी से रायशुमारी की . अधिकारीद्वय द्वारा बताया गया कि नगर में अमन-चैन और शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए यह बेहद आवश्यक है कि संबंधित पक्षों के प्रमुख अपने-अपने लोगों पर नियंत्रण रखें . पर्व और शुभ अवसर खुशियां मनाने के लिए होते हैं ना कि आपसी रंजिश भुनाने या फिर अशांति फैलाने के लिए . नवापारा नगर एक शांतिप्रिय और आदर्श नगर के रूप में जाना जाता है और इसकी प्रतिष्ठा कायम रखने की जिम्मेदारी पुलिस के साथ-साथ आप सभी की भी है . पुलिस हर वक्त आप लोगों की मदद के लिए तैयार है लेकिन ताली हमेशा दोनों हाथ से बजती है इसलिए आप लोग भी पुलिस को बराबर सहयोग करें . इस दौरान अधिकारीद्वय द्वारा उपस्थित लोगों से आवश्यक सुझाव भी मांगे गए, जिस पर लोगों ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए . लोगों द्वारा दिए गए सुझाव पर दोनों अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया . उपस्थित लोगों ने भी दोनों अधिकारियों को इस बात का आश्वासन दिया कि हर वर्ग और धर्म के पर्व व शुभअवसर का सभी के द्वारा बराबर सम्मान किया जाएगा . बैठक में दयालु राम गाड़ा, मुकुंद मेश्राम, नागेंद्र वर्मा, गुलाब राव, भूपेंद्र सोनी, रेशम सिंह हुंदल, अनुज राजपूत, सौरभ जैन सिंटू, नगर मुस्लिम समाज के सदर मोहम्मद अल्तमश, जुनैद सोलंकी, अजहर रिजवी, मोहम्मद सुबराती, मोहम्मद अरशद, मुश्ताक सुलड़ा, जाकिर चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित थे . बताना जरूरी है कि इसके पूर्व नगर शांति समिति की बैठक में विभिन्न वर्ग और धर्म के लोगों के अलावा राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिकों को भी आमंत्रित किया जाता था लेकिन भीषण गर्मी को देखते हुए आज की बैठक में केवल चारों ही प्रमुख पर्व और शुभ अवसर के संबंधित पक्षों के चुनिंदा लोगों को आमंत्रित किया गया था ।
