*घरेलू सिलेंडरों से व्यवसायिक में रिफिल का गौरखधंधा जोरो पर,सोनडोंगरी की घटना से भी नहीं लिया सबक* - fastnewsharpal.com
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*घरेलू सिलेंडरों से व्यवसायिक में रिफिल का गौरखधंधा जोरो पर,सोनडोंगरी की घटना से भी नहीं लिया सबक*

 *घरेलू सिलेंडरों से व्यवसायिक में रिफिल का गौरखधंधा जोरो पर,सोनडोंगरी की घटना से भी नहीं लिया सबक*



   सुरेन्द्र जैन/ धरसीवा

उरला धरसीवा क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों से व्यवसायिक गैस सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर करने का गौरखधंधा फल फूल रहा है विगत दिनों सोनडोंगरी में हुई बड़ी घटना से भी किसी ने कोई सबक नहीं लिया हैं।

   दरअसल घरेलू से व्यवसायिक ओर दो पांच किलो की लाल प्राइवेट टँकीयो में 120 तो कहीं 130 रुपये किलो गैस रिफिल करने से इस गौरखधंधे से जुड़े लोगों को खासी आमदनी है इसी लोभ लालच में जान हथेली पर रखकर जगह जगह इस गौरखधंधे को लोग चला रहे हैं।

  *व्यवसायिक का रेट हाई होने से बढ़ा गौरखधंधा*

   गैस रिफिल के गौरखधंधे से जुड़े लोग पहले तो सिर्फ दो एवं 5 किलो ग्राम के निजी लाल सिलेंडरों में ही गैस रिफिल करते थे लेकिन जब से भारत इंडने एवं एचपी के व्यवसायिक 19 किलो ग्राम की रिफिल दर लगभग साढ़े पच्चीस सौ रुपये हुई एवं 5 किलो ग्राम के व्यवसायिक सिलेंडर की रिफिल दर 705 रुपये हुई है तभी से उरला व धरसीवा क्षेत्र में घरेलू से व्यवसायिक बनाने का गौरखधंधा तेजी से बढ़ गया।

   *एक घरेलू से रिफिल कर बचाते हैं 300 रुपये*

   गैस की आसमान छूती महंगाई के चलते अधिकांश  उपभोक्ता तो घरों में लकड़ी कोयला छैना की आग में भोजन बना रहे हैं क्योकि इंसमे उनका नाममात्र खर्च होता है लेकिन उनके कार्डों पर गैस रिफिल का गौरखधंधा करने वाले लोग सिलेंडर उठा लेते है जो छोटे सिलेंडरों में रिफिल कर रोज कमाई करते है

  घरेलू सिलेंडर हजार बारह सौ तक मिल जाता है और एक सिलेंडर खाली करने पर उन्हें लगभग 300 रुपये की बचत हो जाती है।

    

   *आधी से कम बची व्यवसायिक की बिक्री*

   बीते कुछ माह से व्यवसायिक 19 किलो ग्राम ओर 5 किलो ग्राम के सिलेंडरों की रिफिल दर काफी महंगी चल रही है बीते अप्रेल माह में 19 किलो ग्राम करीब साढ़े चौबीस सौ था जो मई में साढ़े पच्चीस सौ के करीब है इसी तरह 5 केजी व्यवसायिक बीते अप्रेल माह में लगभग पौने सात सौ रुपये था जो अप्रेल माह में 705 रुपये है जबकि घरेलू से व्यवसायिक में भरने वाले 115 से लेकर 120 रुपये किलो में भरते हैं इससे इक्कीस बाइस सौ रुपये में ही 19 किलो ग्राम बनाकर बेचते है एवं 5 किलो करीब छह सौ के आसपास भरकर देते है यानी गैस कंपनियो के निर्धारित रेट से भी बहुत कम पर रिफिल देते हैं इस कारण एजेंसियों के  व्यवसायिक सिलेंडरों को सपलाई कराने वालों से भी कोई सिलेंडर नहीं लेते इस कारण एजेंसियों में भी व्यवसायिक सिलेंडरों की बिक्री आधे से भी कम रह गई है।।

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