छत्तीसगढिया मुख्यमंत्री का नारा लेकर चलने वाले कांग्रेस सरकार द्वारा राज्यसभा की 2 सीटों के लिए बाहरी प्रत्याशी थोपे जाना प्रदेश की ढाई करोड़ जनता का अपमान,छत्तीसगढ की जनता को दिखाया ठेंगा- विकास
छत्तीसगढिया मुख्यमंत्री का नारा लेकर चलने वाले कांग्रेस सरकार द्वारा राज्यसभा की 2 सीटों के लिए बाहरी प्रत्याशी थोपे जाना प्रदेश की ढाई करोड़ जनता का अपमान,छत्तीसगढ की जनता को दिखाया ठेंगा- विकास
राजिम
राज्यसभा सांसद चुनाव में छत्तीसगढ़ की दो सीटों पर बाहरी प्रत्याशी थोपे जाने के बाद प्रदेश में राजनीति गरमाने लगी है। छत्तीसगढ़ की सीट में यूपी-बिहार के प्रत्याशी के नाम तय होने के बाद से स्थानीय बाहरी के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सीधे तौर पर भाजपा ने निशाने पर आ गए है। इसे लेकर भाजयुमो प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख विकास साहू ने प्रदेश कांग्रेस सरकार को आड़े हाथ लेते हुए तंज कसा हैं। विकास ने कहा कि छत्तीसगढ़िया वाद की राजनीति करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस का असली चेहरा एक ओर जहां राज्य में नरवा, गरुवा,घुरवा अउ बारी के नारा लगाते अपने को छत्तीसगढ़ का सेवक समझते हैं पर अब जनता की नजर में उजागर हो गया है। राज्यसभा की 2 सीटों के लिए कांग्रेस द्वारा बाहरी प्रत्याशी थोपे जाना प्रदेश की ढाई करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि क्या छत्तीसगढ़ में कोई योग्य नेता या प्रत्याशी नहीं हैं जो बाहरी लोगों को राज्यसभा की टिकट देकर चुनाव में उतारा जा रहा है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में विकास ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के बयान जिसमे उन्होंने राज्यसभा की सीट पर बाहरी लोगों टिकट दिये जाने पर उसे हाईकमान का फैसला बताया है उससे साफ जाहिर होता है कि छत्तीसगढ़ की भुपेश बघेल की सरकार रिमोट कंट्रोल से चलने वाली सरकार है, जो आदेश दिल्ली दरबार से आता है वो छत्तीसगढ़ की जनता के ऊपर थोप दिया जाता है, पूरे छत्तीसगढ़ को कांग्रेस पार्टी और उसकी सरकार ने गर्त में धकेल दिया है, इसका करारा जवाब छत्तीसगढ़ की जनता को 2023 के होने वाले विधानसभा चुनाव में देने वाली है। छत्तीसगढ़ की दोनो सीट को बाहरी लोगों को मौका देने से भुपेश बघेल व कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़िया वाद ठाय ठाय फिस्स हो गया है। वर्तमान सरकार के इस कृत्य से यह सिद्ध हो गया है कि वह छत्तीसगढ़ की जनता को बोरे बासी खिलाकर, भौरा बाटी का खेल खिलाकर, गेड़ी चढ़ाकर साफ साफ बेवकूफ बनाने में लगी है, इसका जवाब जनता आने वाले चुनाव में जनता इन्हें सबक जरूर सिखायेगी।
