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*फ़र्जी पिटपास का वीडियो हो रहा है वायरल*
मंगलवार, 8 सितंबर 2020
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खनिज अधिकारियों और रेत माफिया के मिलीभगत से खेला जा रहा है पीठ पास का फर्जी खेल
फ़र्जी पिटपास का वीडियो हो रहा है वायरल
राजेंद्र साहू मगरलोड
धमतरी जिले में रेत का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है.प्रतिबंध के बावजूद यहां रेत खदानों से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है वही डंपिंग के आड़ में रेत के अवैध परिवहन कर खूब गोलमाल किया जा रहा है.। इसका अंदाजा सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो से लगाया जा सकता है.
वायरल वीडियो में देखा गया है कि किस तरह रेत से जुड़ी रॉयल्टी पेड अभिवहन पास यानि पीटपास को आग से छेड़छाड़ किया जा रहा है.पीटपास के पूर्व में लिखे नामों को मिटा दिया जाता है और उसके जगह फिर दूसरी गाड़ी का नंबर और नाम लिखा जा रहा है जबकि पीटपास नंबर एक ही है.हालांकि यह वायरल हो रहे वीडियो किसने बनाया,कब बनाया है और कहाँ से आया है इसकी जानकारी किसी को नहीं है लेकिन वीडियो में वायरल पर्ची सामने आई है जिसमें मगरलोड क्षेत्र के बेलरदोना में रहने वाले डायमंड साहू के नाम पर खनिज विभाग व्दारा जारी किया गया है.
वायरल वीडियो के अनुसार पीटपास क्रमांक 0388444 को आग से मिटाया जा रहा है.जिसमें गाड़ी नंबर MH 26 BE 4577 लिखा था.साथ ही इसका परिवहन नागपुर और वर्धा दिखाया जा रहा है.जबकि यही पीटपास नंबर धमतरी जिले में परिवहन के लिए जारी किया गया था.जिसकी प्रति हमने रेत भंडारणकर्ता से लिया है.ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीटपास से छेड़छाड़ कर एक ही पीटपास में कई अलग अलग जगहों में किस तरह रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है.वही वायरल पर्ची में वाहन मालिक गुरुप्रीत सिंग और वाहन चालक हरिप्रीत सिंग दिख रहा है.जो कई सवाल पैदा कर रहें
वहीं विश्वस्त सूत्रों से यह भी पता चला कि जिले के लगभग सभी खदानों में दिन में अन्य राज्यों से आये रोड किनारे हाइवा की लम्बी-लम्बी कतारें लगी रहती है.जो रात के अंधेरों में रेत लोडिंग की जाती है.जिसके पास पिटपास तो होती है जिसे इस प्रकार के कृत्य कर मिटाने का जुगाड़ रखते है और उसी पिटपास में कई बार उपयोग में लाया जाता है.जिससे प्रशासन के आंखों में धूल झोंकने का काम आसानी से करते है.वही इस तरह के रेत माफिया खासतौर पर रेत ले जाने वाले जिले तक ही करते है बांकी नेशनल हाईवे पकड़ने के बाद किसी तरह की डर भय नहीं होने की बात सामने आई है.वही स्थानीय प्रशासन के पकड़ से निकलने इस प्रकार के हथकंडे अपनाते है.जिससे रेत माफिया आसानी से अन्य राज्य ले जाते है.यह भी जानकारी मिली है कि जारी पिटपास को 2 हजार रुपये में पिटपास बेची जाती है जिससे रेत का परिवहन अन्य राज्यों में भी आसानी से रेत माफिया कर रहे है
बहरहाल वायरल वीडियो मामले में रेत भंडारण करने वाले डायमंड साहू का कहना है कि उन्होंने ये पीटपास रेत के एवज में ब्रोकर के जरिए धमतरी के ही रहने वाले ठेकेदार प्रदीप अग्रवाल को जारी किया था.इस पीटपास में किसने छेड़खानी की है उन्हे इस बात की जानकारी नही है.क्योंकि इनके द्वारा जिले तक ही सप्लाई की जाने की जानकारी मिली है.उसका कहना है कि नाम को बदनाम करने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह कृत्य करने की बात कही जा रही गौरतलब है कि जिले के करीब 19 स्थानों में रेत भंडारण की अनुमति दी गई है जहां रेत डंप कर उनकी निकासी धमतरी सहित अन्य जिलों और अन्य राज्यों में की जा रही है लेकिन परिवहन के आड़ में इस तरह फर्जी पीटपास के जरिए शासन को लाखों रूपए के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है.अगर इस मामले की संजीदिगी से जांच की जाए तो बड़ा खुलासा होने की संभावना है।इस विषय पर सहायक खनिज अधिकारी सनत साहू से मोबाईल से सम्पर्क कर पक्ष जानने की कोशिश किया गया,जिससे संपर्क नहीं हो पाया।
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