*एक गांव ऐसा भी*
.एक गांव ऐसा भी.....
जयलाल प्रजापति नगरी(धमतरी)
.प्रदेश नहीं देश का है ये सबसे अनूठा गांव जहां जन्म लेना किस्मत की बात मानी जाती .....अब ये इस गांव को मिला वरदान है या फिर चमत्कार ही कहे..... लेकिन हकीकत तो यही है कि इस गांव के हर घर में एक व्यक्ति सरकारी साहब है.... ....धमतरी जिले के नगरी ब्लाक में एक एैसा गांव जहां हर घर में एक व्यक्ति सरकारी साहब है.... अब ये चमत्कार नहीं तो और क्या है कि महज 425 परिवार वाले इस गांव के हर घर से एक या दो लोग या तो सरकारी अफसर है... या फिर सरकारी कर्मचारी..जो इस गांव की पहचान है....और पूरे ईलाके मे इस गांव का एक अलग ही रूतबा है.......हम बात कर रहे है जिले के सिहावा अंचल मे बसा हुआ गांव भुरसीडोंगरी का जिसे घोर नक्सल प्रभावित गांव माना जाता है.... इस गांव की यही खासियत इसे पूरे देश में सबसे जुदा बना रही है.....दरअसल नगरी सिहावा का ये आदिवासी ईलाका है जहा सबसे ज्यादा गरीब और अनपढ तबके के लोग रहते है........और ज्यादातर लोग रोजी मजदूरी कर अपना गुजर बसर करते है....ऐसे मे ईलाके के भुरसीडोगरी गांव पूरे जिले और देश के लिये एक मिशाल है.....जो ऐसे क्षेत्र मे बसे होने के बाद भी शिक्षा से नाता नही तोडा.....और ज्ञान का दिपक जलाकर अपने जीवन मे उजाला भर रहे है.... अब जरा नौकरी के आंकड़ों पर गौर फरमाईये इस गांव में अगर प्राचार्य हेडमास्टर या फिर शिक्षक की बात करें तो उनकी संख्या 297 हैं......वही 106 लोग ऐसे हैं जो पुलिस विभाग मे अपनी सेवा दे रहे है......और इस गांव के 50 ऐसे लोग हैं जो प्रदेश में शीर्ष पदों पर बैठे हैं.....जो या तो अपर कलेक्टर, कोई प्रचार्य३ या फिर सेना में है......इस गांव के ज्यादातर लोग या तो शिक्षा विभाग में हैं या फिर सेना में........और गांव के सभी नौकरीपेशा लोग गांव मे कम से कम एक बार दिवाली के त्योहार पर जरूर आते है.......वे भले ही देश के कोई भी कोने मे हो... ऐसे मे इस गांव से दूसरे गांव को सीख लेना चाहिऐ..जिसने शिक्षा का अलख जगा कर पूरे देश के सामने एक नई मिशाल पेश की है...बहरहाल गांव की इस खासियत को लेकर जिला प्रशासन ने भुरसीडोगरी गांव की जमकर तारिफ करते नही थक रहे है.....
