3 साल बाद मिला लापता नाबालिगपु,लिस को भी भेंट किया क्रिकेट किट
क्रिकेट खेलने पर डांटते थे पिता तो वह क्रिकेट में ही कैरियर बनाने पहुच गया गुजरात
3 साल बाद मिला लापता नाबालिगपु,लिस को भी भेंट किया क्रिकेट किट
सुरेन्द्र जैन, धरसीवां
क्या आप सोच सकते हैं कि कोई नाबालिग बेटा ऐंसा भी कर सकता है कि पिताजी जिस खेल को खेलने पर डांट फटकार लगाते हों वह उसी खेल में अपना कैरियर बनाने घर छोड़कर गुजरात चला जाये शायद नही लेकिन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे उरला इलाके में कुछ ऐंसा ही बाकया हुआ ।
हुआ यूं कि उरला थाना के कैलाश नगर बिरगांव निवासी देवेंद्र सिंह का नाबालिग बेटा 3 साल पहले अचानक लापता हो गया परिजनों ने सब जगह खोजा लेकिन कहीं कोई सुराग न मिलने के बाद उन्होंने उरला पुलिस थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 61/2017 कायम कर जांच में लिया गया जांच के दौरान गुम बालक सिद्धार्थ सिंह राजपूत पिता देवेंद्र सिंह राजपूत उम्र 15 वर्ष 6 माह पता कैलाश नगर बिरगांव स्कूल के पास थाना उरला के नाबालिक होने पर थाना उरला मैं अपराध क्रमांक 141/2017 धारा 363 भा द वि कायम कर पतासाजी शुरू की गई
*पिता फटकारते थे इसलिए उसी में कैरियर बनाने निकला*
पतासाजी के दौरान पुलिस को गुमइंसान नाबालिग के बारे में जानकारी मिली और पुलिस ने उसे बरामद किया।
टीआई उरला अमित तिवारी ने बताया की गुम बालक से जब पूछताछ की गईं तो उसने बताया कि मैं क्रिकेट का बहुत शौकीन हूं क्रिकेट खेलने जाने पर मेरे माता-पिता द्वारा मुझे डांट फटकार किया जाता था जिससे मैं दुखी होकर रायपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन बैठ कर अपना कैरियर बनाने के लिए वडोदरा गुजरात चला गया और वहां क्रिकेट खेलने लगा और वहां क्रिकेट खेलता था और रेस्टोरेंट में जॉब करता था दो ढाई साल बाद कोच द्वारा जबलपुर में क्रिकेट प्रैक्टिस करने बोला गया और जबलपुर में डेढ़ माह पूर्व क्रिकेट प्रैक्टिस करता था और वही जॉब करता था।
राज्य स्तरीय खेलने लगा क्रिकेट
क्रिकेट में कैरियर बनाने निकला नाबालिग बालक अपनी मेहनत और लगन से 3 सालों में ही राज्य स्तरीय क्रिकेट खेलने लगा क्लब की तरफ से वह स्टेट खेलता रहा।
पुलिस को दिया क्रिकेट किट
गुमशुदा बालक के मिलने के बाद पुलिस ने 25 नबंवर को जब उसे परिजनों के सुपर्द किया तो पुलिस थाना में ही इस क्रिकेटर बालक ने पुलिस को क्रिकेट किट अपनी ओर से भेंट किया
इधर बालक को सुरक्षित घर वापसी आने पर थाना उरला ने उनके माता-पिता को सुरक्षित सुपुर्द किया तो माता पिता की आंखें भर आईं।
