*बंगोली मूरा मार्ग पर एकत्रित होकर किया किसानों ने विरोध*
*किसानों ने मोदी सरकार के काले कानून की प्रतियां जलाकर किया विरोध*
*बंगोली मूरा मार्ग पर एकत्रित होकर किया किसानों ने विरोध*
सुरेन्द्र जैन धरसीवां
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान महासभा ने शनिवार को बंगोली-मुरा पहुंच मार्ग पर एकत्रित होकर केंद्र की मोदी सरकार के किसान विरोधी काले कानून की प्रतियां जलाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया
किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलनरत किसानों पर किए गए दमनकारी कार्रवाई के विरोध में और किसान विरोधी कार्पोरेट परस्त तीनों काला कानून वापस लेने की मांग करते हुए तीनों काले कानून की प्रतियां जलाई गई हैं जिसमें छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति के सदस्य भी आंदोलन का समर्थन करते हुए शामिल हुए।
*किसानों को बदनाम करने की साजिशें कभी कामयाब नही होगी*
आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ किसान महासभा के संयोजक नरोत्तम शर्मा ने कहा कि ये तीनों कानून लाकर मोदी सरकार पूरे देश में कंपनी राज थोपने की साजिश कर रही है और आंदोलनरत किसानों को तथा 500 से अधिक किसान संगठनों की एकता बद्ध आंदोलन को कभी विपक्षी पार्टी द्वारा बरगलाने का आरोप तो कभी खालिस्तानी या विदेशी फंड से चलने वाले आंदोलन बता कर किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की साजिशें रच रही है लेकिन ऐंसी साजिशों में वह कभी कामयाब नही होंगे जीत अंततः सत्य की ही होगी और सत्य सदा सदा से अन्नदाता के साथ रहा है उन्होंने ऐंसे षड्यंत्री बयानों की भर्त्सना भी की उन्होंने कहा कि सरकार को तीनों काला कानून तथा बिजली संशोधन विधेयक की हठधर्मिता छोड़ कर वापस लेना चाहिए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करते हुए संपूर्ण लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी करने वाला कानून बनाना चाहिए।संख्या बल के आधार पर अहंकार पूर्ण कोरोना काल में लिए गए तमाम जन विरोधी संशोधनों को रद्द करना चाहिए । किसानों के इस आंदोलन में क्षेत्र के किसान बिसहत कुर्रे,खंजन रात्रे,पुष्कर नायक, मुन्ना भारती, ममता निर्मलकर, भरत भारती, केजूराम,ईश्वरी लहरी,गुलाब कंडरा, धर्मेंद्र बैरागी, झालेश्वर साहू, अशोक वर्मा, शंकर लाल बांधे, भरत वर्मा, मनोहर यादव, दीपक वर्मा आदि किसानों ने आंदोलन में हिस्सा लेते हुए आज के आंदोलन को झांकी बता सभी ने संकल्प लिया कि 8 दिसम्बर के भारत बंद को सफल बनाने अधिक संख्या में आगे आने की बात कही गई ।
