आरंग स्टेशन में अनियमितता व उपेक्षित
आरंग स्टेशन में अनियमितता व उपेक्षित
आरंग
छत्तीसगढ़ में संबलपुर रेल डिवीजन परिक्षेत्र का शुभारंभ आरंग-महानदी रेलवे स्टेशन से होता है। यह आरंग के लिये सौभाग्य और दुर्भाग्य दोनों ही है। डिवीजन का प्रथम स्टापेज स्टेशन आरंग-महानदी का विकास जैसे होना चाहिये वैसे नही हो पाया है। सम्बलपुर डिवीजन द्वारा यह जानबूझकर उपेक्षा छतीसगढ़ में होने के कारण किया जा रहा है।यह प्रमाणित भी हो रहा है।
छग राजधानी रायपुर से मात्र 35 किमी दूर में ही स्थित आरंग-महानदी रेलवेस्टेशन को संबलपुर डिवीजन में क्यो शामिल किया गया..? यह भी एक पहेली ही है। आरंग महानदी रेलवेस्टेशन में नये प्लेटफार्म को ऊंचा व लम्बाई में वृद्धि कर बनाये जाने से पूर्व में बने हुये छह भवन अनुपयोगी हो गया है।प्लेटफार्म में यात्रियों के पेयजल हेतु कोई भी सुविधा नही है। आरंग स्टशन में दूसरी रेल लाइन का शुभारंभ भी हो गया है।डबल लाईन प्रारंभ होने से आरंग-महानदी स्टेशन में एक्सप्रेस ट्रेन की स्टापेज होने की संभावना बढ़ गई है। आरंग स्टेशन परिक्षेत्र के आस-पास ही दो रेलवे फाटक है। प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ने से नवापारा-राजिम मार्ग के रेलवे फाटक को 500 मीटर आगे बढ़ाया गया है। नये रेलवे फाटक में मुख्य सड़क मार्ग कुछ अधिक ही घुमावदार हो गया है।
यहां आये दिन घटना-दुर्घटना होते रहता है। इस समस्या के निराकरण के लिये फाटक के दोनों ओर सड़क का चौड़ीकरण जरूरी है।
अकोलीकोली रोड थित रेल्वेफ़ाटक के पास में दो-दो कालोनी के बसाहट होने यातायात का दबाव अधिक हो गया है। भविष्य में होनेवाली समस्या को ध्यान में नही रखा गया है। रेल्वेफाटक के पास पेयजल हेतु खनन किया गया हेण्डपम्प का पानी प्रदूषित है।लोंगो के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये नये हेण्डपम्प खनन की जरुरत है।फाटक के पास ही एक पुलिया भी है। पुलिया की स्थिति जर्जर है ।इस पुलिया पर रेलप्रशासन का ध्यान क्यो नही गया समझ से परे है। इस पुलिया से किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु पानी का निकासी होता है।
सम्बलपुर डिवीजन का प्रथम रेलवेस्टेशन की विभिन्न समस्या व मांग के लिये सम्बलपुर नाम सुनकर ही लोग मांग व समस्या को भूल ही जाते है। छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा तक के सभी स्टेशन को रायपुर मुख्यालय में ही जोड़ा जावे। यहां भाषा की समस्या, लंबी दूरी की समस्या, सभी कार्य मे विलंब स्वाभाविक है , रोजगार में क्षेत्र की उपेक्षा, विकास की उपेक्षा तो लोंगो को नजर ही आ रहा है। क्षेत्र व लोंगो की मांग व समस्या पर पहल भी नही हो रहा है। प्रबुद्ध नागरिकों ने मांग की है कि आरंग-महानदी रेलवेस्टेशन को रायपुर में जोड़ा जावे और यहां कम से कम दो एक्सप्रेस ट्रेन स्टापेज की प्रक्रिया प्रारंभ किया जावे।गौरतलब है कि इस लाईन में एक दर्जन से अधिक एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन हो रहा है। दुर्भाग्य है कि एक भी एक्सप्रेस ट्रेन का स्टापेज आरंग महानदी स्टेशन में नही है..क्यो..?





