आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..13-11-2021*..🎋


✍🏻अपनों के लिए चिंता, हृदय में होती है, शब्दों में नहीं, और अपनों के लिए गुस्सा, शब्दों में होता है, हृदय में नहीं, बस यही है अटूट प्रेम की परिभाषा है।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥

✍🏻सही कर्म वह नहीं है, जिसके परिणाम हमेशा सही हो, अपितु सही कर्म वह है, जिसका उद्देश्य कभी गलत ना हो। जिंदगी में पराया कोई नहीं होता सिर्फ मन का वहम है, भरोंसा रूका तो इंसान पराया होता जाता है, और सांसे रूकी तो शरीर।
🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*13 नवंबर:-*_ जब ह्रदय सुद्ध और स्वच्छ हो जाता है, तब वचन भी सुद्ध हो जाते है तब मुख से मीठे आनंदी बोल निकलते है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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 *थोडा सा*

*प्यार का स्पर्श* 

तो देकर देखिये...

इंसान का 

*ह्रदय* भी

*टच स्क्रीन* है..!
      ओम शान्ति
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अनमोल वचन:

लहरों से डरकर नौका कभी पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ।इसलिए कोशिश करते रहिए तो सफलता एक दिन आपके कदमों में होगी ।

🙏ओम् शांति 🙏

🦚आपका दिन शुभ हो🦚

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🙏 *ॐ शांति* 🙏

ज्ञान में चलने के लिये किसी को विवश नहीं कर सकते क्योंकि अपनी *इंद्रियों* को व तीसरे *नेत्र* को खोलने की मेहनत सबके बस की बात नहीं होती। इसलिये भगवान कहते हैं आप केवल *संदेश* दो... बाकी इस मार्ग पर चलें न चलें... यह उनकी मर्जी।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐

💡ओम शांति 💡

🪔ब्रह्मा मुख द्वारा गीता ज्ञान दाता निराकार शिवभगवानुवाच l 🪔

♥ मीठे बच्चे इसी धरती पर होती है, दुनिया नई और पुरानी l 5000 वर्ष तक चलती है, स्वर्ग और नर्क की कहानी l ब्रह्मा बाबा के मुख द्वारा स्वयं भगवान, परमात्मा पिता देते हैं इसकी समझानी l 🕯️

⏲️सतयुग त्रेता युग तक रहती है ज्ञान की प्रारब्ध, पवित्रता सुख शांति की रोशनी l द्वापरयुग कलयुग में मनुष्य आत्मा बनती है, पतित दुखी रोगी अज्ञान अंधकार में भटकने वाले, भक्त अज्ञानी l इन दो युगो तक, कहीं भी नजर नहीं आती, पवित्रता सुख शांति की रोशनी l चारों युगों की पूरी होने आती, जब यह कहानी l 📜

🤲🏻तभी सृष्टि पर ज्ञान सागर परमात्मा पिता की, ब्रह्मा तन में होती है पधारमनी l कहते हैं वह, हे आत्मा प्राणी, जब से बना तू देह अभिमानी l तब से आए तुझ में, रावण के विकार शैतानी l भूल गया तू, पावन देवी देवता जीवन अपनी l माया रावण ने की है तेरे साथ, बहुत ही बेईमानी l जो कल थे, विश्व के महाराजा महारानी l 👼

🦚आज बन गए वह, कंगाल गरीब अज्ञानी l बड़ी मेहनत से मिलता है उनको,अन्न और पानी l मैं परमात्मा पिता फिर से आया हूं, तुम्हें सुनाने दिव्य वाणी l मुझे फिर से नई दुनिया है, स्थापन करनी l 😊

👺यह पतित पुरानी दुनिया, महाविनाश से है मिटानी l उसके पहले मुझ पिता से, ज्ञान योग के बल से, ले लो अपनी राजधानी l अब फिर से रिपीट होनी है, यह 5000 वर्ष की कहानी l ⚖️

🤗जो मुख्य रूप से, प्रिय भारत पर ही है बनी l फिर से विश्व विजेता बनेगा भारत, और तुम बच्चे विश्व के महाराजा और महारानी l यह कभी ना खत्म होने वाली है, सुख-दुख की कहानी l 84 जन्मों की यह कहानी, चलती रही है और चलती रहनी l🎥

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